प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में मेडिकल कॉलेज की टीम भी मौजूद रहेगी। यह टीम मौके पर ही मरीज की स्थिति की आकलन कर उन्हें संबंधित विभाग में भेजने की सलाह देगी।
प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में मेडिकल कॉलेज की टीम भी मौजूद रहेगी। यह टीम मौके पर ही मरीज की स्थिति की आकलन कर उन्हें संबंधित विभाग में भेजने की सलाह देगी।
विज्ञापन
प्रदेश में 19 सितंबर के बाद हर रविवार को सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला का आयोजन करने का निर्देश दिया गया है। इस मेले में विभिन्न संगठनों के लोगों का भी सहयोग लिया जाएगा। मेले में मरीजों को परामर्श के साथ ही दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस मेले में संबंधित जिले में स्थित मेडिकल कॉलेज, आयुष विभाग और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से भी सहयोग लिया जाएगा।
मेडिकल कालेज की टीम होने से गंभीर मरीजों को रेफर करने में आसानी होगी। यह टीम मरीज की स्थिति के अनुसार यह तय करेगी कि उसे मेडिकल कॉलेज में किस विभाग में भेजना है। ऐसे में मरीज को मेडिकल कॉलेज जाने पर इधर- उधर भटकना नहीं पड़ेगा। वह संबंधित विभाग में पहुंच कर इलाज करा सकेगा। मेडिकल कॉलेज या जिला अस्पताल तत्काल रेफर होने वाले मरीजों के लिए मेला स्थल पर एंबुलेंस की भी व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
जांच की भी मिलेगी सुविधा
मेले में आधारभूत पैथोलॉजिकल सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए रैपिड डायग्नोस्टिक किट की मदद ली जाएगी। अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि मेले में दवाओं की उपलब्धता के साथ ही जांच किट भी उपलब्ध कराई जाए।