ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत औषधि निरीक्षक दवा और कॉस्मेटिक के विनिर्माण, वितरण और विक्री की निगरानी करते हैं। उनके मुख्य कार्यों में विनिर्माण इकाइयों, प्रयोगशालाओं और फार्मेसियों का निरीक्षण करना, उत्पादों के नमूने लेना, लाइसेंस के अनुपालन की जांच करना, नकली या घटिया उत्पादों को रोकना और अधिनियम के उल्लंघन के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू करना शामिल है।
अन्य राज्यों की स्थिति
बिहार और राजस्थान में हर जिले में पांच से छह औषधि निरीक्षक होते हैं। ऐसे में वे एक से दो तहसील की जिम्मेदारी लेते हैं। दूसरे विभागों से भी स्टाफ मिल जाता है। ऐसे में वहां निरंतर जांच अभियान चलता रहता है। प्रदेश में दवा निर्माण इकाइयां, फुटकर मेडिकल स्टोर और ब्लड बैंकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ड्रग निरीक्षक के पद कई साल पहले स्वीकृत किए गए। तमाम पद अभी भी खाली हैं। ऐसे में निगरानी तंत्र मजबूत नहीं है। निगरानी बढ़ाने के लिए मानव संसाधन बढ़ाना होगा। सिर्फ एक निरीक्षक के भरोसे पूरे जिले की निगरानी संभव नहीं है। रमाशंकर, पूर्व सहायक आयुक्त, औषधि।