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भीषण धमाके में पांच की मौत: पिछले साल भी इसी मकान में हुआ था धमाका, ग्रामीणों ने बताया-पहले भी बनते थे पटाखे

Fri, 10 Oct 2025 09:53 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

पिछले साल इसी घर में हुए धमाके में रामकुमार गुप्ता की पत्नी, मां व पड़ोसी की जान चली गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर पहले भी पटाखे बनते थे।
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अयोध्या में भीषण विस्फोट। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अयोध्या जिले के भदरसा भरतकुंड नगर पंचायत के पगलाभारी गांव में रामकुमार गुप्ता के एक मकान में हुए धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनी गई। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मकान की एक-एक ईंट बिखर गई। देर रात तक मलबे की तलाश में पुलिस की टीम डॉग स्कवायड की मदद से जुटी रही। घटना के बाद पूरे गांव में अफरातफरी की स्थिति रही। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर देर रात तक डटी रही।

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पूराकलंदर थाना क्षेत्र के पगलाभारी गांव में पिछले साल भी रामकुमार गुप्ता के घर पर विस्फोट हुआ था, जिसमें दो मंजिला मकान मलबे में तब्दील हो गया था। इस घटना में चक्की पर आटा लेने आई गांव की ही एक लड़की के साथ रामकुमार की मां और पत्नी की मौत हुई थी। गांव की महिलाओं ने अगले दिन विरोध प्रदर्शन किया था। गांव वाले बताते हैं कि इससे पहले भी तीन बार रामकुमार के घर पर विस्फोट हो चुका था। तब रामकुमार ने माना था कि वह पटाखे का कारोबार करता है।

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पगलाभारी गांव में 13 अप्रैल 2024 को भी इसी रामकुमार गुप्ता के घर में विस्फोट हुआ था। पड़ोस के मौर्या का पुरवा गांव निवासी रामकुमार कोरी की बेटी प्रियंका (19) आटा लेने पहुंची थी, जिसकी विस्फोट के बाद मकान के मलबे में दबने से मौत हो गई थी। मकान मालिक रामकुमार, उनकी मां शिवपता (65), पत्नी बिंदु (25), रामकुमार के बच्चे ईशा (9), लव (6) और यश (4) झुलस गए थे। अगले दिन रामकुमार की मां शिवपता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के छठे दिन पत्नी बिंदु की मौत हो गई थी।

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दरवाजे और खिड़कियां 100 मीटर की दूरी पर जा गिरीं

- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिछले साल की घटना के बाद से रामकुमार मधुपुर मार्ग पर गांव के बाहर मकान बनाकर रह रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि राम कुमार गांव छोड़कर सड़क पर घर न बनाया होता और यह धमाका गांव में हुआ होता तो कई घर चपेट में आ जाते। धमाका इतना जोरदार था कि मकान के दरवाजे और खिड़कियां 50 से 100 मीटर की दूरी पर जा गिरे।
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