उत्तर प्रदेश के दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात करीब 150 डॉक्टर एमडी, एमएस और डीएनबी की पढ़ाई करेंगे। पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र और बॉन्ड लेना अनिवार्य होगा। पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टरों को 10 वर्ष सरकारी अस्पतालों में सेवा देनी होगी, अन्यथा एक करोड़ रुपये जमा करने होंगे।