प्रदेश सरकार 30 जनवरी तक सभी ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू करेगी। वाई-फाई, कंप्यूटर और ई-स्टडी सामग्री से लैस इन लाइब्रेरी से ग्रामीण युवा घर बैठे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना हो या फिर किसी विषय विशेष की पढ़ाई करनी हो। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा। गांव में रहकर ही अच्छे से तैयारी कर सकेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार सभी ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू कर रही है। 30 जनवरी तक सभी लाइब्रेरी शुरू हो जाएंगी।
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पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी में वाई-फाई, एलईडी स्क्रीन, सीसीटीवी कैमरे और कंप्यूटर सिस्टम होंगे। ई-बुक्स, वीडियो और ऑडियो लेक्चर, क्विज और लाखों की संख्या में डिजिटल शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध होगी।
छात्र-छात्राएं अपने विषय के मुताबिक कंटेंट जुटाकर पढ़ सकेंगे। ग्रामीण युवाओं को सिविल सर्विसेज जैसे बड़ी व महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए घर नहीं छोड़ना पड़ेगा। 26 जनवरी तक पुस्तकालयों के लिए फर्नीचर की खरीद पूरी हो जाएगी। जिससे तय समय में लाइब्रेरी शुरू हो सकें।
ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की रहेगी जिम्मेदार
एक लाइब्रेरी पर चार लाख रुपये का खर्च आएगा। 2 लाख रुपये की पुस्तकें, 1.30 लाख रुपये के आईटी उपकरण और 70 हजार रुपये के आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव लाइब्रेरी का प्रबंधन करेंगे। सहायक अधिकारी नियमित रूप से निगरानी करेंगे।