डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने आईपीएस अफसरों के व्हाट्सएप ग्रुप से किनारा कर लिया है। जानकार बताते हैं कि इस ग्रुप पर चल रहे आईपीएस अफसरों की आपसी रार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खासे नाराज हैं।
चर्चा है कि मुख्यमंत्री ने डीजीपी को अपनी नाराजगी से अवगत करा दिया है। उधर, आरोप के घेरे में आए गोरखपुर के आईजी जय नारायण सिंह ने लखनऊ के आईजी सुजीत पांडेय से माफी मांग ली है।
शुक्रवार को डीजीपी के व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ने पर कई आईपीएस अधिकारियों ने हैरत जताई है। अब इस बात की चर्चा होने लगी है कि मातहतों को इस प्रकरण में सवाल-जवाब करने के बजाय ग्रुप छोड़ने से ऐसे मामले हल नहीं होते हैं। इस मामले में डीजीपी व प्रमुख सचिव गृह स्तर से संबंधित अधिकारियों से अनौपचारिक स्पष्टीकरण मांगे जाने की अपेक्षा की जा रही थी, मगर ऐसी कोई कार्रवाई सामने नहीं आई।
उधर, जय नारायण सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि सुजीत पांडेय के बारे में जो वीडियो वायरल हुआ, वह गलत था। सुजीत ईमानदार व सच्चे मित्र हैं। उन्हें सुजीत से माफी मांगने में कोई शर्मिंदगी नहीं है। साथ ही, उन्होंने डीआईजी दीपक कुमार की एसीआर में प्रतिकूल टिप्पणी मामले में कहा, दीपक से भी बात की है।
अब उनमें और दोनों अधिकारियों में किसी तरह का कोई मनमुटाव नहीं रह गया है। व्हाट्सएप ग्रुप में जय नारायण सिंह के इस कदम की कई आईपीएस अफसरों ने भी सराहना की है।
वहीं, डीआईजी दीपक कुमार ने भी कहा कि जय नारायण सिंह सर से बात हो गई। उनके बीच कोई दुराग्रह नहीं है। यह दुखद है कि आईपीएस अफसरों की आपसी चर्चा इस तरह मुद्दा बन गया।
बता दें, आईपीएस अफसरों की आपसी रार बृहस्पतिवार को तब सामने आई थी, जब उनके व्हाट्सएप ग्रुप पर दीपक कुमार की एसीआर में आईजी जय नारायण सिंह की प्रतिकूल टिप्पणी को प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार द्वारा खारिज किए जाने और आईजी सुजीत पांडेय के संबंध में वीडियो पोस्ट किया गया।
हालांकि इस रार पर आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता और डीजीपी ओपी सिंह समेत तमाम अफसर कोई भी टिप्पणी करने से बचते रहे। जबकि आईपीएस अधिकारी अलग-अलग खेमे में बंटते नजर आए थे। आईजी जय नारायण सिंह ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने के बाद अपनी तरफ से पूरे मामले का पटाक्षेप होने की कही है।