बृहस्पतिवार को जारी निर्देश में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन से जुड़े व छोटे झगड़े अकसर बड़ा रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम एस-10 का प्रयोग किया जा सकता है।
प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस को मामूली विवादों को गंभीरता से लेते हुए सुलझाने के निर्देश डीजीपी मुकुल गोयल ने दिए हैं।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को जारी निर्देश में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन से जुड़े व छोटे झगड़े अकसर बड़ा रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम एस-10 का प्रयोग किया जा सकता है।
इसमें क्षेत्र के 10 संभ्रांत लोगों की समिति की मदद लेकर मामले निस्तारित कराए जा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस कमेटी का स्लोगन भी तय किया गया है ‘गांव का झगड़ा गांव में सुलझाएं, कोर्ट कचहरी हम क्यों जाएं’। शहरी क्षेत्रों में शांति व्यवस्था और आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए इस कमेटी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
डीजीपी ने कहा है कि बीट इंचार्ज माह में कम से कम एक दिन गांव-मोहल्ले में जाकर जाकर एस-10 की मीटिंग करें। इसके अलावा हर गांव के एस-10 सदस्यों का वाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिसमें संबंधित गांव के विवादों की जानकारी कम से कम समय में पुलिस को हो जाए। उन्होंने बीट से लेकर थानेदार तक को बेसिक पुलिसिंग के निर्देश दिए हैं।