अखिलेश बोले- महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देंगे
अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने राष्ट्रीय महिला समानता दिवस के अवसर पर आयोजित संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके तहत समाजवादी सरकार बनने पर आधी आबादी को पूरी आजादी मिलेगी। उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। गरीब महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। छात्राओं को इंटर पास होने के बाद लैपटॉप और साइकिल दी जाएगी। महिलाओं की सरकारी बसों में यात्रा मुफ्त होगी। छात्राओं को मेट्रो सफर मुफ्त होगा।
पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार में बंद किए सभी 26 हजार प्राइमरी स्कूल फिर खोले जाएंगे। सरकारी स्कूलों में फीस माफ और प्राइवेट में फीस हाफ होगी। न्यूट्रिशन मिशन योजना फिर शुरू की जाएगी। ऑगनबाड़ी केंद्रों को ठीक किया जाएगा। अखिलेश यादव ने कहा कि स्त्री सम्मान समृद्धि योजना आधी आबादी की पूरी आजादी का संकल्प है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में आए जापान के डेलीगेशन को सरकार ने उसी 1090 हेल्पलाइन को दिखाया जो सपा सरकार में बनाया गया था। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। सपा सरकार की योजनाओं का असर है, जो तकनीकी के बारे में कुछ नहीं जानते वे टैबलेट बांटने की बात कर रहे हैं। भाजपा के लिए नारी केवल नारा बनकर रह गया है। सभी लोग जानते है कि महिला आरक्षण बिल संसद में पास होकर कानून बन गया है। हम चाहते है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से ही इसे लागू किया जाए।
सपा फिर लेकर आई झूठे वादों का पिटारा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी की नई घोषणाओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पुराने पाप और नाकामियों को छिपाने के लिए सपा फिर ‘झूठे वादों का पिटारा’ लेकर जनता के बीच आई है। उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठते थे, जबकि आज पार्टी महिला सम्मान, सुरक्षा और विकास की बातें कर रही है।
उन्होंने कहा कि जनता सपा की पुरानी वादाखिलाफी भूली नहीं है और अब खोखली घोषणाओं व चुनावी लॉलीपॉप से उसे बहकाना संभव नहीं। चौधरी ने अखिलेश यादव की महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये देने की घोषणा को महिला वोटरों को लुभाने का प्रयास बताया। उन्होंने सवाल किया कि सपा सरकार में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं होती थी। साथ ही पूछा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण की पहल का सपा ने विरोध क्यों किया।