चुनावी साल में सरकार प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों को बड़ा तोहफा देते हुए सरकार ने उनके आश्रितों को भी मृतक आश्रित कोटे में अनुकंपा के आधार पर पीआरडी में नौकरी देने का फैसला किया है। युवा कल्याण विभाग के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। अब तक पीआरडी में तैनात जवानों की मृत्यु होने या उनके स्थाई रूप से अपंग होने पर उनके आश्रितों को नौकरी देने की व्यवस्था नहीं थी। प्रदेश में यह व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है। महानिदेशक युवा कल्याण एंव प्रातीय रक्षक दल ने इस संबंध में सभी मंडलीय उप निदेशकों और जिला युवा कल्याण अधिकारियों को ऐसे पात्र अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने केनिर्देश जारी कर दिए हैं।
बता दें कि प्रांतीय रक्षक दल के संगठन में पंजीकृत जवानो(स्वयंसेवक) को मानदेय पर रखने की व्यवस्था है। इसलिए उनके आश्रितों को मृतक कोटे में नौकरी देने की व्यवस्था नहीं हैं। हालांकि पीआरडी संगठन काफी दिनों से सरकार से इसकी मांग करता रहा है। पिछले दिनों संगठन ने अपनी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाई थी। इस आधार पर मुख्यमंत्री ने पीआरडी संगठन में पंजीकृत जवानों की मृत्यु होने या स्थाई रूप से अपंग होने की स्थिति में उनके पात्र आश्रितों को भी अनुकंपा के आधार पर पीआरडी संगठन में पंजीकृत कर नौकरी पर रखने का प्रस्ताव मांगा था।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद युवा कल्याण विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री को भेजा था। जिसे मंजूरी दे दी गई है। इस आधार पर युवा कल्याण विभाग एंव प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आदेश के मुताबित इस व्यवस्था को एक अप्रैल 2020 से लागू किया जाएगा। यानि इस तिथि के बाद निधन होने या स्थाई रूप से अपंग होने वाले जवान के आश्रितों को ही अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जा सकेगी। महानिदेश युवा कल्याण डिम्पल वर्मा ने सभी मंडलीय उप निदेशकों और जिला युवा कल्याण अधिकारियों को 5 नवंबर तक ऐसे पात्र लोगों को चिन्हीत कर उनकी सूची निदेशालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके बाद निदेशालय स्तर चयन समिति का गठन कर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अनुकंपा के आधार पर इनकों मिलेगी नौकरी
पति, पत्नी, पुत्र, दत्तक पुत्र, अविवाहित पुत्रियां व दत्तक पुत्रियां या विधवा पुत्रियां व पुत्रबधु, मृतक जवान के अविवाहित भाई व बहन, अविवाहित मृतक जवान की विधवा माता।