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यूपी : फिर बढ़ने लगी बिजली की मांग, पटरी पर नहीं आ पा रही आपूर्ति, मांग 22500 उपलब्धता 21000 मेगावाट के आसपास

Sat, 07 May 2022 05:30 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

लखनऊ के तमाम इलाकों में दिन और रात में र्कई बार बत्ती गुल होने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में भी शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति का दावा किया जा रहा है, लेकिन लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है।
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विस्तार
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प्रदेश में बिजली की मांग फिर बढ़ने लगी है। मांग और उपलब्धता में अंतर बरकरार रहने से आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। हालांकि पावर कॉर्पोरेशन आपूर्ति सामान्य होने का दावा कर रहा है, लेकिन राजधानी समेत लगभग सभी शहरों में अघोषित कटौती जारी है। लखनऊ के तमाम इलाकों में दिन और रात में र्कई बार बत्ती गुल होने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में भी शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति का दावा किया जा रहा है, लेकिन लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। इस बीच बिजलीघरों में कोयले का संकट अभी बना हुआ है।

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मौसम बदलने से बृहस्पतिवार को प्रदेश में बिजली की मांग में कमी हुई थी, लेकिन शुक्रवार को गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग में भी इजाफा हो गया। शुक्रवार रात बिजली की मांग 22,500 मेगावाट से ऊपर पहुंच गई जबकि उपलब्धता 21,000 मेगावाट के आसपास थी। केंद्र से अतिरिक्त बिजली आयात करने के बावजूद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपात कटौती करनी पड़ रही है। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के अधिकारियों का कहना है कि अभी तो जैसे-तैसे आपूर्ति पटरी पर रखी जा रही है, लेकिन जिस तरह से गर्मी और उसके साथ मांग बढ़ रही है उसे देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति गंभीर हो सकती है।
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अधिकारियों का कहना है कि इस समय भी राज्य के बिजलीघरों को रोजाना 87000 मीट्रिक टन कोयले की जरूरत है जबकि 76,500 मीट्रिक टन ही आपूर्ति हो पा रही है।

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