प्रदेश के जो कार्मिक पांचवें व छठे केंद्रीय वेतन आयोग की संस्तुति पर राज्य सरकार की ओर से लागू किए गए वेतन ढांचे में कार्यरत हैं, उनको भी महंगाई भत्ता (डीए) दिया जाएगा। इसके अलावा अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी भी इसका लाभ पाएंगे। अपर मुख्य सचिव वित्त एस. राधा चौहान ने इनसे संबंधित अलग-अलग शासनादेश सोमवार को जारी कर दिए।
प्रदेश में काफी कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों का लाभ नहीं ले रहे हैं। वे छठे वेतन आयोग द्वारा संस्तुत व राज्य सरकार द्वारा लागू वेतन संरचना में कार्यरत हैं। इन्हें वर्तमान में मूल वेतन का 189 प्रतिशत डीए मिल रहा है। शासन ने एक जुलाई, 2021 से इन्हें 196 प्रतिशत की दर से भुगतान का फैसला किया है। वहीं जो कर्मचारी पांचवें वेतन आयोग द्वारा संस्तुत व राज्य सरकार द्वारा लागू वेतन संरचना में कार्यरत हैं, उन्हें 368 प्रतिशत डीए देने का फैसला किया है। इन्हें वर्तमान में 356 प्रतिशत डीए मिल रहा है। डीए का नकद भुगतान दिसंबर के वेतन के साथ एक जनवरी को होगा। जुलाई से नवंबर तक का जीपीएफ में जाएगा। अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों (आईएएस, आईपीएस व आईएफएस) को भी एक जुलाई से 28 की जगह 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा।