कफ सिरप कांड का सरगना शुभम जायसवाल
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कोडीनयुक्त कफ सिरप सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल को दुबई में गोरखपुर का एक दवा कारोबारी मदद पहुंचा रहा है। शुभम अपने मौसेरे भाई गौरव जायसवाल के साथ दुबई में है। दोनों काफी समय तक गोरखपुर के कारोबारी के होटल में ठहरे थे। अब जांच एजेंसियां कारोबारी की भूमिका और सिंडिकेट से उसके संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में उस पर भी शिकंजा कस सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच के दौरान इस कारोबारी का नाम सामने आया है। वह शुरुआत से ही शुभम के संपर्क में था और उसे मदद देता रहा। दुबई में जिस होटल में दोनों के ठहरने की बात सामने आई है, वह कारोबारी से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि होटल में ठहरने की व्यवस्था के अलावा कारोबारी ने शुभम और गौरव को आर्थिक या अन्य किस तरह की मदद दी। इसलिए अब जांच एजेंसियां कारोबारी के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। जरूरत पड़ी तो उससे पूछताछ भी हो सकती है।
पहले भी एक मामले में आ चुका है नाम
जो कारोबारी शुभम की मदद कर रहा है, उसका पहले भी एक मामले में नाम आ चुका है। वह मामला भी नशीली दवाओं से संबंधित था। अंदेशा यह भी है कि कहीं शुभम के सिंडिकेट में भी तो उसकी भूमिका नहीं थी। इस पहलू पर भी तफ्तीश जारी है। अगर भूमिका के साक्ष्य मिलते हैं तो उस पर भी कार्रवाई होगी। वहीं, जांच एजेंसी आरोपियों को पनाह देने वालों को भी चिह्नित कर रही है।
वरुण के नेपाल भागने की आशंका
सिंडिकेट की अहम कड़ी वरुण सिंह है। पहले दुबई में उसके होने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में पता चला कि वह वहां से वापस भारत लौट चुका है। एसटीएफ ने उसकी तलाश तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, उसके नेपाल भागने की आशंका है। उसके करीबियों व रिश्तेदारों से जांच एजेंसी ने पूछताछ भी की है। वरुण की गिरफ्तारी से मामले में कई अहम तथ्य उजागर हो सकते हैं।