विदेशी फंडिंग धर्मांतरण कराने के आरोपी छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन को काले धन को सफेद करने के मामले में ईडी के विशेष न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने पांच दिन के लिए कस्टडी डिमांड पर देने का आदेश दिया है। ईडी आरोपी छांगुर बाबा को हिरासत में लेकर 28 जुलाई की शाम से एक अगस्त की शाम पांच बजे तक पूछताछ कर सकेगी।
ईडी की ओर से आरोपी छांगुर बाबा को सात दिन के लिए रिमांड पर दिए जाने की अर्जी दी गई। कहा गया कि आरोपी छांगुर बाबा ने काले धन का शोधन किया है। लिहाजा, उसको कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ किया जाना आवश्यक है। अर्जी में कहा गया कि आरोपी से पूछताछ के दौरान यह भी पता करना है कि इस मामले में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल हैं। यही नहीं, आरोपी ने कहां कहां अवैध संपत्तियां बनाई है। इसके अलावा यह भी पता करना है कि आरोपी व उसके सहयोगियों के किन-किन बैंक खातों से लेनदेन होता था। कहा गया कि मामला देश हित से जुड़ा है। लिहाजा, आरोपी को रिमांड पर दिया जाए ताकि उससे व्यापक पूछताछ की जा सके।
बताते चलें कि एटीएस ने 16 नवंबर 2024 को गोमती नगर थाने में छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन, नीतू उर्फ नसरीन, नवीन रोहरा व अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपी विदेशी फंडिंग की मदद से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से धर्मांतरण कर रहे हैं। आरोप है कि यह काम चांद औलिया दरगाह बलरामपुर में किया जाता था।छांगुर ने कुछ वर्षों में अवैध तरीके से 100 करोड़ से अधिक की संपत्तियां खरीदी और अवैध निर्माण कराया। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ईडी ने मामले की जांच शुरू की और 9 जुलाई 2025 को छांगुर बाबा का बयान दर्ज किया था।
ईडी की ओर से बताया गया कि मामले में काले धन के शोधन के तथ्य मिलने के बाद 17 जुलाई को छांगुर बाबा, नवीन रोहरा, महबूब ,राजेश कुमार उपाध्याय, दुर्गेश कुमार ,संतोष कुमार, शहजाद शेख, वसीम अहमद, शमीम मलिक, मलिक अली अहमद, जुम्मन खान एवं मोहम्मद इक्तिदा खान के 15 स्थानों पर तलाशी ली गई थी।