उत्तर प्रदेश में कम नामांकन वाले 10827 परिषदीय विद्यालयों के विलय (पेयरिंग) के बाद अब विद्यालयों में बेहतर व आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से हर कंपोजिट विद्यालय (कक्षा एक से आठ तक) में दो-दो स्मार्ट क्लास तैयार कराई जाएंगी। इसके लिए विभाग की ओर से स्कूलों में स्मार्ट टीवी व इसके लिए आवश्यक सहयोगी उपकरण पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को आधुनिक संसाधनों से युक्त करने की कवायद तेजी से चलाई जा रही है। इसके तहत चरणबद्ध तरीके से स्कूलों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में विभाग ने सभी 25 हजार कंपोजिट विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने की घोषणा की थी। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके लिए बजट मिला है।
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पहले चरण में लगभग 10 हजार कंपोजिट विद्यालयों में दो-दो स्मार्ट क्लास स्थापित होंगी। इसमें एक प्राइमरी (कक्षा एक से पांच) के लिए और एक अपर प्राइमरी (कक्षा छह से आठ) के लिए होगी। स्मार्ट क्लास होने से बच्चे को अत्याधुनिक तकनीकी के माध्यम से पठन-पाठन कराया जाएगा। वहीं वीडियो व चित्रों के माध्यम से बच्चों को आसानी से चीजें समझाई भी जा सकेंगी।
उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि विभाग की ओर से की गई यह पहल अच्छी है। बच्चे देखकर ज्यादा अच्छे तरह से सीखते हैं और चीजें उन्हें लंबे समय तक याद रहती हैं। ऐसे में स्मार्ट क्लास बच्चों के लिए काफी उपयोगी होगी। विभाग की ओर से इसके लिए डिजिटल कंटेंट पहले से उपलब्ध कराया गया है। स्मार्ट क्लास शुरू होने से इसका बेहतर प्रयोग किया जाएगा। यह शिक्षकों के लिए भी काफी उपयोगी होगी।