प्रदेश में अभी तक 11 प्रकार की राज्य आपदाएं घोषित हैं। इसके अलावा प्रदेश सरकार की तरफ से बेमौसम वर्षा (अतिवृष्टि), आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान, लू प्रकोप, नाव दुर्घटना, सर्पदंश, सीवर सफाई व गैस रिसाव, बोरवेल में गिरना, मानव वन्य जीव द्वन्द, पानी (कुंआ, नदी, झील, तालाब, पोखर, नगर, नाला, गड्ढ़ा, जलप्रपात) में डूबकर मौत, सांड़ और नीलगाय के हमले को आपदा की श्रेणी में रखा गया है। सियार, लोमड़ी और मधुमक्खियों के हमले में किसी व्यक्ति की मौत होने पर आश्रितों को चार लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। वहीं, घायल होने सर सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलेगा। मुआवजा पाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सम्बंधित आपदा से मौत होने की पुष्टि होना आवश्यक है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही आश्रितों की ओर से 1070 नंबर पर संपर्क कर मुआवजे की सूचना देनी पड़ेगी। सम्बंधित जिलाधिकारी कार्यालय या सम्बंधित एडीएम को भी सूचना देनी होगी। जिसके बाद सम्बंधित तहसील से रिपोर्ट लेकर 24 से 72 घंटे में मुआवजे की धनराशि जारी करेंगे।