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सीएम योगी बोले, अगर अगला पक्ष शांत रहेगा तो बहुसंख्यक भी दंगा नहीं करेगा

Sat, 08 Jul 2017 12:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेरी 111 दिन की सरकार ने लोगों ने विश्वास पैदा किया है। ये सरकार सबकी है और मैं प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षा की गांरटी भी दे सकता हूं, लेकिन सभी को शांति के साथ आपसी सद्भाव बनाए रखने का प्रयास करना होगा। किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है।
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उन्होंने यह भी कहा कि अगर अगला पक्ष दंगा नहीं करेगा तो बहुसंख्यक समाज भी दंगा नहीं करेगा। सीएम योगी ने ये जवाब अल्पसंख्यक समाज के डरे होने और और दंगे होने का भय सताने से संबंधित सवाल पर दिया। उन्होंने ये बात शुक्रवार को एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कही। सीएम ने कहा कि अगर कोई दंगा करने का प्रयास करेगा तो प्रशासन उससे सख्ती से निपटेगा। लोग कानून का सम्मान करें तो कानून उनका सम्मान करेगा।

मुलायम सिंह यादव पर नरम व अखिलेश यादव पर सख्त रुख रखने पर योगी ने कहा, सीएम प्रदेश का मालिक नहीं होता है, बल्कि कस्टोडियन होता है। इसलिए किसी को प्रदेश को लूटने की छूट नहीं दी जा सकती है। उन्होंने सपा सरकार का नाम लिए बगैर कहा कि विकास की आड़ में किसी परिवार विशेष के लिए प्रदेश को गिरवी रखना गलत है। पिछली सरकारों में ऐसा ही हुआ है। इसलिए उनकी सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टारलेंस’ की नीति पर काम कर रही है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहना गलत है कि जो भी जांच हो रही है वह अखिलेश के खिलाफ हो रही है। उन्होंने कहा कि गोमती रिवर फ्रंट समेत जो भी जांच हो रही है, वह किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि सरकारी धन के दुरूपयोग की हो रही है। जिन लोगों ने प्रदेश की जनता के धन को लूटा है, उनके खिलाफ जांच हो रही है। जहां गलत हुआ है, उसकी जांच हो रही है। उन्होंने कहा किसी को यह अधिकार नहीं है कि वह सीएम होने के नाते किसी परिवार या व्यक्ति विशेष के लिए प्रदेश को ही गिरवी रख दे। ऐसे लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा।

सीएम की कुर्सी पर बैठकर अधिकारों का दुरुपयोग सही नहीं

- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि वह सीएम की कुर्सी पर बैठकर अपने अधिकारों का दुरूपयोग करे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने एक विशेष परिवार के लिए प्रदेश को एक तरह से गिरवी रख दिया था। जिससे प्रदेश का बहुत नुकसान हुआ है। नौजवानों के पलायन और किसानों को आत्महत्या करने को मजबूर किया गया है। इसलिए ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए।

बदले की भावना से नहीं हो रही रिवर फ्रंट की जांच
रिवर फ्रंट की जांच के आदेश के पीछे बदले की भावना से संबंधित सवाल पर सीएम ने स्पष्ट करते हुए कहा कि इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई कहना गलत है।

उन्होंने तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि शुरूआत में रिवर फ्रंट परियोजना की लागत 160 करोड़ की थी, जो बढ़कर अब 1437 करोड़ की हो गई है। इससे संबंधित 24 परियोजनाओं को जनवरी 2017 में पूरा होना था, लेकिन अब तक सिर्फ 8 परियोजना पूरी नही होने की स्थिति में है।

जबकि 8 परियोजना अधूरी हैं और 8 पर काम ही शुरू नहीं हो पाया है। परियोजना में सरकारी धन का बड़े पैमाने पर दुरूपयोग किया गया है, इसलिए उसकी जांच कराई जा रही है।

अखिलेश के गांव के पास ही हो रही है अधिक लूट

- फोटो : amar ujala
दो साल में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे का निर्माण कराने को लेकर अखिलेश द्वारा दी गई चुनौती से जुड़े सवाल पर सीएम ने भी पलटवार करते हुए कहा कि सिर्फ क्रेडिट लेने के लिए तकनीकी अध्ययन और जनता की सुरक्षा के उपाय किए बिना ही एक्सप्रेसवे बना दिया गया, जिससे आए दिन दुर्घटना और यात्रियों के साथ लूट की घटनाएं हो रही हैं।

यात्रियों के साथ सबसे अधिक लूट तो अखिलेश के गांव के पास ही हो रही हैं। अब तक सर्विस लेन का भी निर्माण हो पाया है। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ऐसा कोई काम नहीं कराएगी, जिस पर सवाल उठे।

कोर्ट के बाहर हल हो अयोध्या मसला तो बेहतर
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम ने कहा कि यह मसला कोर्ट में है। लेकिन अगर कोर्ट के बाहर दोनों पत्र इस मसले को हल कर लें तो बेहतर होता।

उन्होंने दोनों पक्षों से अपील भी किया कि आपसी सहमति से मसला का हल निकालकर देश के दुश्मनों को करारा जबाब देना चाहिए। अगर दोनों पक्ष बैठकर मामले को निपटा लें सामप्रादायिक सौहार्द की सबसे बड़ी मिशाल होगी और भारत को महाशक्ति बनने से कोई रोक नहीं सकता है।

राम की कृपा हुई इसलिए गया अयोध्या

- फोटो : amar ujala
सीएम के तौर पर अयोध्या जाने के औचित्य से संबंधित सवाल पर योगी ने साफ किया कि अयोध्या जाने के पीछे कोई और वजह नहीं तलाशी जानी चाहिए। चूंकि अयोध्या भारत की संस्कृति की पहचान है, इसलिए वहां गया था।

किसी और सीएम के अयोध्या नहीं जाने पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे पर राम की कृपा हुई इसलिए मैं अयोध्या गया और मुख्यमंत्रियों पर नहीं हुई होगी इसलिए वह अयोध्या नहीं जा पाए।

सिर्फ सीआर खराब होना ही नहीं आधार नहीं
50 साल की उम्र पार कर चुके सरकारी मुलाजिमों को वीआरएस देने से संबंधी सरकार के बयान के बारे में सीएम ने स्पष्ट किया कि इसके लिए सिर्फ चरित्र पंजिका (सीआर) को ही आधार नहीं बनाया जाएगा, क्योंकि सीआर निष्पक्ष नहीं होता है।

इसलिए सरकार अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यक्षमता का आकलन विभिन्न पहलुओं को देखकर ही करेगी। इसके लिए जनता से भी फीडबैक लिया जाएगा।
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कोविंद का समर्थन कर नीतिश ने दिया बेहतरीन उदाहरण

- फोटो : amar ujala
बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को दुबारा एनडीए में लाने को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम ने कहा कि यह तो एनडीए व भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तय करेगा, लेकिन इतना जरूर है कि एनडीए द्वारा पेश राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने की घोषणा करके नीतिश ने एक सैद्धांतिक राजनीत की बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।

लालू को आजकल अधिक सपने आ रहे
बिहार की तर्ज पर यूपी में अखिलेश-मायावती को मिलाकर गठबंधन बनाने कर भजपा को उखाड़ फेंकने से संबंधित लालू यादव के बयान पर चुटकी लेते हुए सीएम ने कहा कि लगता है आजकल लालू यादव को सपने कुछ अधिक आ रहे हैं। लेकिन उनको यह भी मालूम होना चाहिए कि सभी सपने सच नहीं होते। सभी जानते है कि अगले चुनाव में कांग्रेस का समाप्त हो जाएगी और सपा व बसपा की राजनीति नहीं बचेगी।

मै रबर स्टैंप सीएम नहीं
खुद के बारे में रबर स्टैंप सीएम होने से संबंधित चर्चा के बारे में पूछे जाने पर सीएम ने उल्टा सवाल करते हुए कहा कि ‘मेरे कार्य करने के तरीके देखकर आपको लगता है कि मैं रबर स्टैंप सीएम की तरह काम कर रहा हूं’? उन्होंने जो लोग हमारी कार्यशैली से हताश व निराश हैं, यह उन लोगों का शिगूफा है। मैं रबर स्टैंप सीएम नहीं हूं।

उन्होंने कहा कि मेरी सरकार डायनामिक तरीके से काम कर रही है। मंत्रियों पर लगाम लगाने के बारे में भी उन्होंने कहा कि किसी मंत्री या अधिकारी पर कोई लगाम नहीं है, सभी स्वतंत्रता के साथ और टीम भावना से काम कर रहे हैं।
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