प्रदेश में भीषण गर्मी और सामान्य से कम वर्षा की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेयजल, सिंचाई और राहत प्रबंधन को लेकर शासन-प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग परिस्थितियों का पूर्वानुमान लगाकर तैयारी सुनिश्चित करें।
सीएम ने कहा कि एनडीआरएफ से सहायता सुनिश्चित करने और शासन से लेकर जिले स्तर तक 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रखा जाए। जिससे आम जनता को सही समय पर सही सूचना मिल मिले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव और डीजीपी को नियमित सूचना उपलब्ध कराई जाए।
सीएम ने जल संरक्षण कार्यों में तेजी लाने के लिए 30 मई तक नहरों, तालाबों और पोखरों की डी-सिल्टिंग हर हाल में पूरी करने को कहा है। तालाबों से निकली मिट्टी प्रजापति समाज और पारंपरिक कुम्हार शिल्पकारों को मुफ्त उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सीएम ने कहा कि सभी नलकूप क्रियाशील रखे जाएं। समय से मरम्मत कराने और सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो। खरीफ 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सीएम ने टेल फीडिंग व्यवस्था पर जोर दिया और निर्देश दिए कि नहरों का पानी अंतिम छोर तक पहुंचे। बैठक में बताया गया कि 11,375 टेलों में से 10,487 तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। 24,153 लक्षित तालाबों में से 17,961 से अधिक तालाब भरे जा चुके हैं।