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मुख्यमंत्री योगी का सदन में पहला भाषण : सत्ता पक्ष और विपक्ष लोकतंत्र के दो पहिए हैं... एक और एक ग्यारह बनकर जन आकांक्षाओं को पूरा करेंगे

Wed, 30 Mar 2022 12:38 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के स्वागत में सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता पक्ष और विपक्ष एक साथ मिलकर प्रदेश के विकास के अभियान का सहभागी बनते हैं तो वह एक और एक दो नहीं बल्कि ग्यारह बनकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने और जनआकांक्षा की पूर्ति करने का काम करता है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष लोकतंत्र के दो पहिए है। दोनों मिलकर उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता के सर्वांगीण विकास को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाकर नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बनाने में अपना योगदान दे सकते हैं। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के स्वागत में सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता पक्ष और विपक्ष एक साथ मिलकर प्रदेश के विकास के अभियान का सहभागी बनते हैं तो वह एक और एक दो नहीं बल्कि ग्यारह बनकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने और जनआकांक्षा की पूर्ति करने का काम करता है, जिसके लिए जनता ने जनप्रतिनिधियों पर विश्वास किया है।

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नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर जहां मार्च पहले सप्ताह में विधानसभा चुनाव के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष की ओर से एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप की मिसाइलें चलाने और बयानबाजी का दौर चलता रहा। उस समय हर व्यक्ति एक दूसरे के हमलों से झुलसने से बचने के लिए अपने अपने स्तर पर प्रयास कर रहा था। वहीं मार्च के अंतिम सप्ताह में सभी दलों ने सर्वानुमति से सतीश महाना को विधानसभा अध्यक्ष चुना है। उन्होंने कहा कि इससे जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाता है। यह लोकतांत्रिक परंपरा को पुष्ट और मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह खासतौर पर भारत और भारत में भी यूपी में ही संभव है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में विश्व की अपेक्षा भारत से है, देश की अपेक्षा हर क्षेत्र में यूपी से है। उस अपेक्षा पर खरा उतरने के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष मिलकर तैयार रहना है।

अब यूपी के विकास के बारे में सोचना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव पूरे हो चुके है अब सभी को विकास, उत्थान, 25 करोड़ जनता के हितों के संवर्धन, युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों के बारे में सोचना है। उन्होंने कहा कि उन दबे कुचले लोगों के बारे में सोचना है जिनकी एक वोट उनकी आवाज को ताकत देने का माध्यय है।
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यूपी पर रहती है नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा पर देश भर की नजर रहती है। उन्होंने कहा कि 17वीं विधानसभा में जब कोरोना काल में सत्र संचालित किया तो लोगों की निगाह थी कि कैसे सत्र संचालित किया गया। उन्होंने कहा कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के नेतृत्व में विधानसभा ने कई उपलब्धियां अर्जित की।

नकारात्मकता को पसंद नहीं करती जनता
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव में सामने आया है कि जनता नकारात्मकता को पसंद नहीं करती है। जनता प्रगतिशील और लोककल्याण से जुड़े लोगों को ही अंगीकार करती है। उन्होंने कहा कि नकारात्मकता जीवन में प्रगति नहीं कर सकती, सकारात्मता से प्रगति और लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर सकते है।

जनता की अपेक्षा पर खरा उतरने का माध्यम है विधानसभा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 18वीं विधानसभा सुनिश्चित लक्ष्य को अर्जित करने और यूपी के विकास को आगे बढ़ाने में सफल होंगे। उन्होंने विधायकों से कहा कि पांच वर्ष का कार्यकाल जन अपेक्षा पर खरा उतरने का माध्यम मिला है। उन्होंने कहा कि विधायक यदि शासन की योजनाओं को समयबद्ध जनता तक पहुंचाने में सफल होंगे तो वे भी बार बार चुने जाएंगे।

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...दो पाटन के बीच में साबुत बचा ना कोई

जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने कहा कि सदन में या तो सत्ता पक्ष के विधायक हैं या विपक्षी दल है। उन्होंने कहा कि  ऐसी स्थिति देखकर उन्हें कबीर दास का दोहा याद आ रहा है ‘चलती चक्की देखकर दिया कबीरा रोए, दो पाटन के बीच में साबुत बचा ना कोए’ सुनाते हुए विधानसभा अध्यक्ष से उनके दल के साथ कांग्रेस और बसपा सहित पांच विधायकों पर भी कृपा दृष्टि रखने की बात कही। राजा भैया ने नेता प्रतिपक्ष और नेता सदन पहली बार सदन के सदस्य निर्वाचित होने पर दोनों को बधाई दी।

बसपा जैसी नर्सरी नहीं होती तो कभी सदन नहीं पहुंचते
बसपा के एक मात्र विधायक उमाशंकर सिंह जैसे ही सदन में खड़े हुए तो सत्ता पक्ष के कुछ विधायक मुस्कुरा दिए। उमाशंकर सिंह ने तल्ख अंदाज में कहा कि आज कुछ लोग जो सत्ता पक्ष में बैठकर हंस रहे हैं वह खुद भी बसपा की नर्सरी से ही निकलकर आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि बसपा नहीं होती तो वह लोग कभी सदन में नहीं पहुंच सकते थे।

छोटे दलों की सुनवाई करें
रालोद विधायक दल के नेता राजपाल बालियान ने कहा विधानसभा अध्यक्ष को छोटे दलों की भी सुनवाई करनी चाहिए और उन्हें भी सदन में प्राथमिकता से अपनी बात रखने का अवसर देना चाहिए।
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