योगी सरकार सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण की नई नीति जल्द जारी करेगी। यह सरकार के पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए होगी। अमर उजाला ने नई नीति अब तक जारी न होने का मामला प्रमुखता से उठाया था। मुख्यमंत्री ने कार्मिक विभाग के प्रस्तुतीकरण के दौरान वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक के लिए वार्षिक स्थानान्तरण नीति अप्रैल महीने के अंत तक जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने विभागों के सीधी भर्ती के सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य रूप से इंडक्शन ट्रेनिंग की व्यवस्था लागू करने को कहा है। इसके लिए समस्त प्रशासनिक विभागों को इंडक्शन ट्रेनिंग मॉड्यूल और वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करने का निर्देश दिया है।
सचिवालय में पान मसाला पर प्रतिबंध, दलालों के प्रवेश पर रोक
मुख्यमंत्री ने सचिवालय के भवनों में स्वच्छता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने सचिवालय भवनों में पान-मसाला व गुटखा आदि वस्तुओं को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया है। इसी तरह सचिवालय भवनों में बिना वैध प्रवेश पत्र के किसी को भी प्रवेश न दिए जाने का निर्देश दिया है।
कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि दलाल प्रकृति के व्यक्ति सचिवालय में प्रवेश न कर सकें। उन्होंने समय से पत्रावलियों के निस्तारण पर जोर देते हुए फिर दुहराया कि पटल पर कोई भी पत्रावली 3 दिन से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए। सचिवालय भवनों को फ साड लाइटिंग सहित बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
हर जिले के विकास के लिए बनेगा मॉडल डिस्ट्रिक्ट प्लान
प्रदेश के समग्र विकास के लिए सरकार ने नई योजना तैयार की है। इसके तहत हर जिले के लिए मॉडल डिस्ट्रिक्ट प्लान तैयार किया जाएगा। इसे तैयार करने से पहले हर जिले की समस्याओं का बारीकी से अध्ययन कराया जाएगा। शासन स्तर पर मंथन के बाद प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को यहां एक उच्चस्तरीय बैठक में इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री ने इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए कैबिनेट मंत्रियों को फील्ड में जाने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्रियों की अध्यक्षता में 18 मंडलों के लिए 18 टीमें गठित कर 18 सप्ताह का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। ये टीमें हर मंडल में 72 घंटे का प्रवास करेंगी। टीमें मंडल के अलग-अलग जिलों का भ्रमण कर लोगों से मिलेंगी। बाद में मंत्रियों की टीमों की रिपोर्ट सभी 75 जिलों के नोडल अधिकारी को दी जाएगी, जिसके आधार पर हर जिले के लिए अलग-अलग मॉडल डिस्ट्रिक्ट प्लान तैयार कराया जाएगा।
नोडल अधिकारियों को डिस्ट्रिक्ट प्लान बनाने के बाद 15 दिन के अंदर क्रियान्वयन की योजना प्रस्तुत करनी होगी। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इस योजना को अमलीजामा पहनाने का काम शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले की अपनी-अपनी समस्या है, जिसके लिए यह जरूरी है कि उन समस्याओं का निराकरण स्थानीय आधार पर बनाए गए प्लान के तहत हो। इससे प्रदेश के समग्र विकास की नई इबारत लिखी जा सकेगी।