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गोमती परियोजना को ‘नमामि गंगे’ से क्यों जोड़ना चाहते हैं सीएम योगी ?

Tue, 28 Mar 2017 09:23 AM IST
amarujala.com- Presented by: अजय कुमार सिंह
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गोमती रिवर फ्रंट
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यूपी के मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ योगी ने गोमती को गंगा की सहायक नदी बताते हुए कहा कि इस परियोजना को ‘नमामि गंगे’ से जोड़ने की दिशा में तत्काल काम शुरू होना चाहिए। इससे राज्य सरकार पर खर्च का दबाव कम होगा। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं में गैरजरूरी खर्च रोकने के लिए फौरन कदम उठाए जाएं। परियोजनाएं निर्धारित समय में गुणवत्ता के साथ पूरी हों।
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आदित्यनाथ सोमवार को गोमती रिवर फ्रंट पहुंचे। वहां उन्होंने ने रिवर फ्रंट का मुआयना शुरू कर दिया। नदी का पानी बेहद गंदा था, फिर भी अफसरों ने नदी में लगाए गए फव्वारे चलवा दिए। गंदे पानी के छींटे वहां खड़े लोगों पर गिर रहे थे। इस पर मुख्यमंत्री ने काफी नाराजगी जताई। कहा, स्वच्छ नदियां हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं, इसलिए अफसरों को पूरी ईमानदारी से इस ओर ध्यान देना होगा। 
 
95 फीसदी बजट देने पर भी 60 फीसदी से कम हुआ काम 
दो साल पहले शुरू हुई इस परियोजना को मई-2017 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक 60 फीसदी से भी कम काम हो पाया है। 1513 करोड़ रुपये लागत की इस परियोजना के लिए कार्यदायी संस्था को 1433 करोड़ दिए जा चुके हैं। कार्यदायी संस्था 1427 करोड़ रुपये खर्च भी कर चुकी है। अब इसे पूरा करने के लिए सिंचाई विभाग 1500 करोड़ रुपये और मांग रहा है। मुआयने के दौरान सीएम ने परियोजना की प्रगति पर असंतोष जताया। कहा, अगर इसमें गिरने वाले नालों को बंद करने पर काम होता तो नदी की अविरलता बनाए रखने और पानी शुद्ध करने में मदद मिलती।
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ठेकेदारों की मनमर्जी पर छोड़ दिया काम 
सीएम ने अपनी जांच में पाया कि इस परियोजना को पूरी तरह से कार्य करने वाली संस्था और ठेकेदारों की मनमर्जी पर छोड़ दिया गया। इन्होंने पहले अनुपयोगी मदों में राशि खर्च की। गंदे नालों को रोकने के लिए दोनों तरफ  बनाए जा रहे इंटरसेप्टिंग ड्रेन का काम अधूरा छोड़ दिया।  
 
कलाकोठी तक बढ़ेगी डायफ्राम वॉल
गोमती के दोनों तरफ  बन रहे डायफ्राम वॉल को कलाकोठी तक बढ़ाया जाएगा। सीएम ने मुख्य सचिव से कहा, इस परियोजना से संबंधित प्रमुख सचिव इसके वास्तविक व्यय की समीक्षा करें और अपनी रिपोर्ट सप्ताह भर में दें। 
 
निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने के संकेत
इस परियोजना में फिजूलखर्ची से नाराज सीएम ने इसकी जांच किसी बाहरी एजेंसी से कराने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा, किसी भी हालत में जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। सीएम ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि इस परियोजना में सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हुआ है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही कुछ अधिकारी नप सकते हैं।
 
साल भर में पूरी हो परियोजना
मुख्यमंत्री ने गोमती रिवर फ्रंट परियोजना हर हाल में एक साल के भीतर पूरी करने को कहा है। सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि अधिकारियों को एक साल से पहले ही काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें उम्मीद है कि काम समय से पूरा हो जाएगा।
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