मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रान्सफार्म के मंत्र का अर्थव्यवस्था के द्वितीयक खंड सबसे अच्छा परिणाम देखने को मिला है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की तेज वृद्धि दर उत्साहित करने वाली है। भविष्य की जरूरतों के दृष्टिगत लैंडबैंक के विस्तार, नीतिगत सुधार और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अपने प्रयासों को तेज करना होगा। अनेक निवेशक उत्तर प्रदेश में आने के लिए तैयार हैं। टेक्सटाइल पार्क, सोलर पार्क, प्लेज पार्क के अनेक प्रस्ताव मिल रहे हैं। हमें इस अनुकूल अवसर का लाभ उठाना चाहिए।
औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि की आवश्यकता होगी। सभी को अतिरिक्त प्रयास करना होगा। ग्राम समाज की भूमि औद्योगिक विकास और एमएसएमई के उपयोग में लाने की व्यवस्था की गई है। लैंड पूलिंग पॉलिसी को और बेहतर किया जाना चाहिए। ऐसी भूमि जो आवंटित है लेकिन उपयोग नहीं की जा रही है, उनका चिन्हांकन करें। उनके बारे में यथोचित निर्णय लें। 'सिक यूनिट' की पहचान कर उनके सदुपयोग के बारे में निर्णय लें। इंडस्ट्रियल क्लस्टर की कार्ययोजना को आगे बढ़ाया जाए।
इन्वेस्टमेंट और भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रकरण लंबित नहीं रहने चाहिए। इसके लिए जिलाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। एमओयू को धरातल पर उतारें। विभिन्न एप्रूवल की प्रक्रियाओं को समयबद्ध करना होगा, तय समय सीमा के बीतने के बाद एप्रूवल की डीम्ड मान लिया जाना चाहिए। पब्लिक ग्रीवांस सिस्टम को और लाभकारी बनाया जाने की आवश्यकता है।
ओटीडीई के लिए हमें निजी और सार्वजनिक निवेश को और बढ़ाना होगा। निवेशकों से संपर्क-संवाद का क्रम जारी रखना चाहिए। नए सेक्टर-नए निवेशकों से भी संवाद करें। उन्हें प्रदेश की यूएसपी से अवगत करायें। इन्वेस्टर आउटरीच को और बेहतर करने की आवश्यकता है। सिंगल विंडो प्रणाली को और सरल तथा अधिक पारदर्शी बनाया जाए।
ऊर्जा सेक्टर को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम करने की जरूरत है। गैर पारंपरिक ऊर्जा विकल्पों को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने नीति जारी की है। हमें सोलर और बायो मास सेक्टर में निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। हमें सोलर एनर्जी कैपेसिटी को बढाने पर काम करने की जरूरत है। प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना का कवरेज बढाने का प्रयास करें। होटल/रेस्टोरेंट, ट्रान्सपोर्ट, संचार, रियल एस्टेट, प्रोफेशनल सर्विस, व अन्य सेवाओं वाले तृतीयक खंड में प्रदेश तेजी से तरक्की कर रहा है। अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, काशी, प्रयागराज, नैमिषारण्य इसके महत्वपूर्ण केंद्र हैं। विगत 07 वर्षों में यहां व्यापक परिवर्तन हुआ है। टूरिस्ट फुटफॉल अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है। वर्तमान वर्ष में अब तक 62 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हो चुका है।यह टूरिस्ट फुटफॉल लोकल इकॉनमी को बढ़ावा देने वाला है। अगले वर्ष प्रयागराज महाकुंभ का आयोजन है। यह पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बड़ा असर डालने वाला होगा। नैमिषारण्य, विंध्यधाम जैसे केंद्रों को चिन्हित कर उनकी बेहतर ब्रांडिंग करनी चाहिए। बौद्ध सर्किट का संबंधित देशों में व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। पर्यटन स्थलों पर जनसुविधाएं और बेहतर की जाएं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आईटी सेक्टर को उद्योग का दर्जा दिया गया है। गौतमबुद्ध नगर आज आईटी/आईटीईइस का ग्लोबल हब बन कर उभरा है। प्रदेश में आईटी/आईटीईएस टेस्टिंग सेंटर की स्थापना का प्रयास करें। लखनऊ में एआई सिटी की भूमि चिन्हित की जा चुकी है, इससे संबंधित पॉलिसी यथाशीघ्र लाई जाए। परियोजना पर काम तेज किया जाना चाहिए। हमें ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेनिंग के लिए भी प्रस्ताव मिले हैं, इसकी बेहतर संभावनाओं का लाभ लेने के लिए हमें यथाशीघ्र अपनी ड्रोन पॉलिसी लागू करनी चाहिए। स्टार्ट अप पंजीकरण के लिए कानपुर के साथ-साथ नोएडा में भी सुविधा कार्यालय प्रारंभ कराया जाए।
परिवहन सेक्टर की बेहतरी के लिए ठोस प्रयास किये जाने चाहिए। असेवित क्षेत्रों के लिए बसों का संचालन करें। निजी क्षेत्र का भी सहयोग लिया जाना चाहिए। जल मार्ग परिवहन संबंधित प्राधिकरण का गठन किया गया है, इस दिशा में भी आने वाले दिनों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। हॉस्पिटल, हाउसिंग और होटल के लिए निजी क्षेत्र की ओर से बड़े प्रस्ताव मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में इस सेक्टर में और अधिक तेजी देखने को मिलेगी। नियमों को सरल करें, व्यवहारिकता का ध्यान रखें। निवेशकों की अपेक्षाओं को समझें। यह पूरा सेक्टर अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के साथ-साथ ईज ऑफ लिविंग की दृष्टि से भी उपयोगी सिद्ध होगा।
ओटीडीई के लिए हर विभाग का लक्ष्य पहले से ही निर्धारित है। इसकी प्रगति की सतत समीक्षा आवश्यक है। हर विभाग की कैपेसिटी बिल्डिंग की जरूरत है। रिफॉर्म की कार्ययोजना तैयार करें, लागू करें। हर काम की समयसीमा तय करें। यही प्रदेश है जहां 2016-17 में एक्साइज से मात्र 12 हजार करोड़ का राजस्व मिलता था आज 52 हजार करोड़ का राजस्व मिलता है। यानी कमी सामर्थ्य की नहीं, इच्छाशक्ति की थी।
आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लिए नगर निकायों व ग्राम पंचायतों का आत्मनिर्भर होना आवश्यक है। इनके आय संवर्धन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। गांव हो या कस्बे, हर जगह आम आदमी को अच्छी सड़क, शुद्ध पेयजल, बेहतर जनसुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। आकांक्षात्मक जनपद और आकांक्षात्मक विकासखंड की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए, जहां कमी हो, उसे दूर किया जाए।