राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित हैं। बाढ़ के लिहाज से कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक स्थिति नहीं है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की कुल 16 टीमें तैनात की गई हैं। 2,728 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाई गई हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नदियों के जलस्तर पर निगरानी रखी जाए। आसपास के गांवों में पानी भरने के पूर्व ही मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों और बाढ़ शरणालयों में ले जाया जाए। सोशल डिस्टेसिंग के साथ भोजन आदि की उच्च गुणवता सुनिश्चित की जाए।
गोयल ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न किट का वितरण कराया जा रहा है। इस किट में 17 प्रकार की सामग्री जिसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 5 किलो लाई, 2 किलो भुना चना, 100 टेबलेट क्लोरीन और 2 नहाने के साबुन आदि हैं। अब तक 12,496 खाद्यान्न किट और 86,209 मीटर तिरपाल का वितरण किया जा चुका है। 223 मेडिकल टीम भी लगाई गई हैं।
बलिया में सरयू (घाघरा) नदी के दाएं तट पर स्थित बकुलहा संसार टोला तटबंध के किमी. 4.125 के मध्य निर्मित टी-स्पर के नोज भाग के अपरस्ट्रीम में स्लोप क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। वहां काम कार्य कराया जा रहा है। गोयल ने बताया कि बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए प्रदेश में 160 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। 3 जिलों में 36 शरणालयों में 3,984 व्यक्ति रह रहे हैं। 657 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।
वर्तमान में प्रदेश के 16 जिलों के 536 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रदेश में 139 पशु शिविर स्थापित किए गए हैं। 5,12,591 पशुओं का टीकाकरण भी किया गया है। उन्होंने बताया कि पशु चारे के लिए 415 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी को भी बाढ़ या अन्य आपदा के संबंध में कोई भी समस्या होती है तो वह जिला आपदा नियंत्रण केंद्र या राज्यस्तरीय कंट्रोल हेल्प लाइन नंबर-1070 पर फोन कर संपर्क कर सकता है।