लखनऊ में यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर फोरेंसिक साइंसेज के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस जमीन पर यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर फोरेंसिक साइंसेज का शिलान्यास हो रहा है, उस पर कभी माफिया का कब्जा था। 142 एकड़ इस जमीन को खाली कराने के लिए हमने पुलिस को पार्टी बनाकर केस लड़ने के लिए कहा तो माफिया जमीन छोड़ कर भाग गया। वे रविवार को इंस्टीट्यूट के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि दो साल पहले पुलिस के एक कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह लखनऊ आए थे उसी समय उन्होंने फोरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की स्थापना का सुझाव दिया था। आज वे उसी इंस्टीट्यूट का शिलान्यास कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि 2017 से पहले यूपी दंगों का प्रदेश माना जाता था। कानून व्यवस्था बदहाल थी। माफि या राज इस कदर हावी था कि जिस भूमि पर आज फ ोरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की नींव रखी जा रही है वह जमीन एक माफि या के कब्जे में थी। बीते चार साल में प्रदेश में जो परिवर्तन देखने को मिला है इसके पीछे प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन व गृहमंत्री की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का राज हो, अपराध करने वालों को सजा दिलाना और उच्च कोटि के प्रशिक्षित वैज्ञानिकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो इस दृष्टि से यूपी पुलिस नए सिरे से काम कर रही है।
चार वर्ष में 1584 करोड़ रुपये की संपत्ति माफिया के कब्जे से खाली कराई
सीएम ने कहा कि बीते चार साल में 1584 करोड़ रुपये की संपत्ति सरकार ने माफिया के कब्जे से खाली कराई है। पहले जो माफि या और अपराधी सत्ता के सरपरस्त रहते थे, आज उनमें कानून का भय है। आज प्रदेश का आम नागरिक भयमुक्त वातावरण महसूस कर रहा है। बहन बेटियां सुरक्षित महसूस करती हैं। प्रदेश में कानून का राज कायम हो यह प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की मंशा थी। गृह मंत्री ने 2014 और 2017 में इसी बात का आश्वासन प्रदेश की जनता को दिया था, जिसे हमने साकार किया है।
नेशनल फोरेंसिक साइंसेज युनिवर्सिटी गांधीनगर से रहेगी संबद्धता
डीजीपी मुकुल गोयल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उप्र. राज्य विधि विज्ञान संस्थान के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि फोरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट, नेशनल फोरेंसिक साइंसेज युनिवर्सिटी गांधीनगर गुजरात से संबद्ध रहेगा। इस इंस्टीट्यूट का मुख्य उद्देश्य बेहतर पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण एवं फोरेंसिक साइंसेज के क्षेत्र में क्षमता निर्माण करना है। डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीक का प्रयोग करते हुए अपराधियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। वैज्ञानिक तकनीक से हासिल साक्ष्यों को विवेचना में शामिल कर विवेचना की गुणवत्ता भी बेहतर की जा रही है।