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UP NEWS: चकबंदी में लापरवाही पर सीएम ने चलाया हंटर, 8 मंडलों के 28 चकबंकी अधिकारियों पर गाज, तीन निलंबित

Sun, 01 Sep 2024 12:21 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

UP Land Consolidation : चकबंदी के निपटारों के मामले में योगी सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। चकबंदी संबंधी मामलों के निपटारे में लेटलतीफी, लापरवाही और अनियमितता पर आठ मंडल के 28 चकबंदी अधिकारियों पर गाज गिरी है।
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योगी सरकार ने लिया सख्त फैसला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चकबंदी संबंधी मामलों के निपटारे में लेटलतीफी, लापरवाही और अनियमितता पर आठ मंडल के 28 चकबंदी अधिकारियों पर गाज गिरी है। इनमें से तीन कार्मिकों को निलंबित किया गया है और एक सेवानिवृत्त अधिकारी की पेंशन से कटौती के आदेश भी दिए गए हैं। वहीं, एक उप संचालक (चकबंदी) को पद से हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं।

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चकबंदी आयुक्त जीएस नवीन कुमार ने बताया कि हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में कई अधिकारियों के काम में लापरवाही व अनियमितता के साथ ही भ्रष्टाचार में उनकी संलिप्तता पाई है। पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी गई तो उन्होंने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। कुशीनगर के बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) संतोष कुमार को कार्य में लापरवाही पर निलंबित कर दिया गया।

जौनपुर के ग्राम तियरा का काम पूरा न होने पर चकबंदीकर्ता व चकबंदी लेखपाल को चिह्नित कर निलंबित करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं। वहां के सहायक चकबंदी अधिकारी संजय मौर्य के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही के लिए कहा गया है। गोरखपुर के उप संचालक (चकबंदी) राज नारायण त्रिपाठी को पद से हटाने के लिए नियुक्ति विभाग को पत्र लिखा गया है। वहीं, वहां के सेवानिवृत्त सहायक चकबंदी अधिकारी रमेश पाल सिंह राणा को सेवाकाल में अनियमितता पर पेंशन में 20 प्रतिशत कटौती करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
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इनसे हुआ जवाब-तलब
बरेली, हरदोई, ललितपुर, उन्नाव, चित्रकूट और जौनपुर के बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) क्रमश: पवन कुमार सिंह, श्रीप्रकाश चंद्र उत्तम, राकेश कुमार, सुरेश कुमार सागर, मनोहर लाल और स्वतंत्र वीर सिंह यादव से जवाब-तलब किया गया है। प्रतापगढ़ के उप संचालक चकबंदी/मुख्य राजस्व अधिकारी राकेश कुमार गुप्ता से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। वाराणसी के बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) पवन कुमार सिद्धू के खिलाफ धारा-52 के तहत ग्राम अजगरा का काम पूरा न करने और स्थानांतरित चकबंदी लेखपालों को मुक्त न करने के कारण अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ की गई है। शाहजहांपुर, मिर्जापुर, गोरखपुर और देवरिया के बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) क्रमश: मोहन लाल (तत्कालीन), नरेंद्र सिंह, शशिकांत शुक्ला और पवन पांडेय के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई।

अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश
कनौज के बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) धमेंद्र सिंह, बाराबंकी के चकबंदी अधिकारी शिव नारायन गुप्ता, बाराबंकी के कनिष्ठ सहायक उमाशंकर के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई की गई। फतेहपुर के सहायक चकबंदी अधिकारी महेंद्र सिंह का वेतन रोक दिया गया। बलरामपुर के सहायक चकबंदी अधिकारी संदीप यादव के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं। प्रयागराज के ग्राम राजेपुर सराय अरजानी और प्रतापगढ़ के ग्राम धीमी का लक्ष्य पूरा न होने पर संबंधित सहायक चकबंदी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई। आजमगढ़ के ग्राम महुआ में लापरवाही पर संबंधित सहायक चकबंदी अधिकारी का स्पष्टीकरण और चकबंदीकर्ता व चकबंदी लेखपाल का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई के लिए कहा गया है।

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