कांग्रेस ने हारी हुई 11 सीटों पर नए सिरे से समीक्षा करेगी। इसके लिए हर लोकसभा क्षेत्र से बूथवार रिपोर्ट मंगाई गई है। बूथ पर मिले कम वोट के कारणों के बारे में कमेटी के सदस्यों से जानकारी ली जाएगी। फिर संबंधित बूथ जीतने की रणनीति तैयार होगी।
कांग्रेस को इंडिया गठबंधन के तहत 17 सीटें मिली थीं, जिसमें रायबरेली, अमेठी, प्रयागराज, सीतापुर, सहारनपुर और बाराबंकी में जीत मिली है। वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने करीब 40.74 फीसदी वोट हासिल किया।
ऐसे में वाराणसी में हारने के बाद भी कांग्रेस उत्साहित है। इसी तरह बांसगांव, झांसी, महराजगंज, फतेहपुर सीकरी, अमरोहा को भी पार्टी के रणनीतिकार जीती हुई सीट मान रहे थे, लेकिन यहां मात खानी पड़ी है। ऐसे में इन सीटों पर समीक्षा में ज्यादा फोकस किया जाएगा।
गाजियाबाद, मथुरा, बुलंदशहर, देवरिया और कानपुर में पहले से ही स्थिति संतोषजनक नहीं थी। इसके बाद भी इन सीटों पर वोटबैंक बढ़ा है। इस बढ़े हुए वोटबैंक को पार्टी को अपने खाते में बनाए रखना चाहती है। ऐसे में लोकसभा क्षेत्रवार बूथों पर मिले वोट का विवरण मांगा गया है।