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UP: पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए 27 तक केंद्रों की सूची भेजें डीएम, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

Wed, 26 Jun 2024 12:08 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

मुख्य सचिव ने कहा कि इस बार सेंटर्स का चयन दो श्रेणी में किया जाना है। श्रेणी ए में राजकीय माध्यमिक विद्यालय, राजकीय डिग्री कॉलेज, केंद्रीय विश्वविद्यालय, पॉलीटेक्निक, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज व राजकीय मेडिकल कॉलेज को शामिल किया गया है। श्रेणी बी में ख्याति प्राप्त तथा सुविधा संपन्न वित्त पोषित शैक्षणिक संस्थाओं को शामिल किया गया है, जो काली सूची में न हों और संदिग्ध व विवादित न हों।
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- फोटो : अमर उजाला
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मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया है कि पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए केंद्रों का चयन कर सूची 27 जून तक भर्ती बोर्ड को उपलब्ध करा दें। उन्होंने कहा कि डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति परीक्षा केंद्रों के चयन हेतु पूर्ण उत्तरदायी होगी। मुख्य सचिव मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों, डीएम एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

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मुख्य सचिव ने कहा कि इस बार सेंटर्स का चयन दो श्रेणी में किया जाना है। श्रेणी ए में राजकीय माध्यमिक विद्यालय, राजकीय डिग्री कॉलेज, केंद्रीय विश्वविद्यालय, पॉलीटेक्निक, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज व राजकीय मेडिकल कॉलेज को शामिल किया गया है। श्रेणी बी में ख्याति प्राप्त तथा सुविधा संपन्न वित्त पोषित शैक्षणिक संस्थाओं को शामिल किया गया है, जो काली सूची में न हों और संदिग्ध व विवादित न हों। इसके अलावा परीक्षा केंद्र नगरीय क्षेत्र में हो। आवश्यकता पड़ने पर केंद्र का चयन नगरीय क्षेत्र के 10 किमी के व्यास में मुख्य मार्ग पर किया जाए। प्रश्नपत्रों के लिए ट्रेजरी में अलग कक्ष की व्यवस्था की जाए। मुख्य सचिव ने इस दौरान एग्री स्टैक फार्मर रजिस्ट्री, बाढ़ से बचाव की तैयारी, वर्षा जल संचयन की भी समीक्षा की।

नए कानूनों को लेकर नहीं रहे असमंजस
मुख्य सचिव ने कहा कि 1 जुलाई से लागू होने वाले नए आपराधिक कानूनों को लेकर आम लोगों में कोई असमंजस नहीं होना चाहिए। इसके दृष्टिगत 1 जुलाई को सभी थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित हों। जिसमें स्थानीय लोगों को आमंत्रित कर कानून की विस्तृत जानकारी दी जाए। वहीं डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि नए कानून में अपराध स्थल से लेकर जांच और मुकदमे तक की प्रक्रियाओं को तकनीक से जोड़ा गया है। गवाहों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गवाही देने की भी आजादी होगी।

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