मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी।
- फोटो : amar ujala
मुख्य सचिव आरके तिवारी ने मंगलवार को प्रोजक्ट मानिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) की बैठक में स्मार्ट सिटी, अमृत, नमामि गंगे और मेट्रो रेल की परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। इस मौके पर सहारनपुर, मुरादाबाद, व बरेली में स्मार्ट सिटी योजना के धीमी प्रगति पर नगर निगमों के जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके अलावा कई परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर भी मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने धीमी प्रगति वाली परियोजनाओं से जुड़े अफसरों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए उनका उत्तरदायित्व निर्धारित करने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव स्मार्ट सिटी योजना में निर्धारित लक्ष्य से कम प्रगति वाले नगर निगमों के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने और संबंधित मंडलायुक्तों को परियोजनाओं का पर्यवेक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में प्रजेंटेशन के माध्यम से मुख्य सचिव को विभिन्न योजनाओं की लक्ष्यवार प्रगति बताई गई। बताया गया कि स्माट सिटी योजना के तहत अक्तूबर माह के लिए 9373 करोड़ रुपये की लागत की 498 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 448 परियोजनाओं की डीपीआर अनुमोदित हो चुकी है और 384 परियोजनाओं की निविदा मंजूरी दे दी गई है। यह भी बताया गया कि शेष परियोजनाओं के लिए वर्क आर्डर 31 दिसंबर तक जारी कर दिये जायेंगे।
अमृत योजना की प्रगति केबारे में बताया गया कि सभी 289 परियोजनाओं की डीपीआर स्वीकृत की जा चुकी है, जबकि 286 के शासनादेश जारी हो गए हैं और 277 परियोजनाओं के लिए टेंडर स्वीकृत हो चुके हैं। नमामि गंगे योजना की प्रगति के बारे में बताया गया कि सीवरेज की स्वीकृत 46 परियोजनाओं में से 22 पूरी हो चुकी है और 20 का काम तेजी से चल रहा है। शेष परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही हैं। मेट्रो परियोजना की समीक्षा में बताया गया कि कानपुर मेट्रो का ट्रायल रन चल रहा है। जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा। जबकि आगरा मेट्रो का कार्य भी तेजी से चल रहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगर विकास डॉ. रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव समेत सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों के अलावा संबधित मंडलायुक्त एवं नगर आयुक्त भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक में शामिल हुए।