एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार
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प्रदेश के तीन अन्य शहरों में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के बाद एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि अब तक जिन जिलों में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की गई, वहां हर क्षेत्र में हुए सुधार को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर तीन अन्य जिलों में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की गई है।
प्रशांत कुमार ने बताया कि पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू होने से जहां एक ओर अपराध में रिकार्ड कमी आई कानून व्यवस्था और बेहतर हुई है। अधिकारियों की संवेदनशीलता और जवाबदेही बढ़ी है। मजिस्ट्रेट की शक्तियां मिलने से कानून व्यवस्था और शांति व्यवस्था बेहतर करने में कामयाबी मिली। माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई।
संप्रदायिक व उपद्रवी तत्वों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के भी सार्थक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि जन शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के साथ समन्वय में सुधार हुआ। राजकीय विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाने में कमिश्नरेट सिस्टम मददगार साबित हुआ है।
प्रशांत कुमार ने बताया कि पुलिस कमिश्नरेट बनने के बाद लखनऊ में 186 माफियाओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और 486 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। गौतमबुद्घनगर में 261 माफिया चिह्नित किए गए और 168 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। कानपुर में 689 अपराधियों को चिह्नित करते हुए 7.9 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई और वाराणसी में 863 माफियाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई और 19 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई।