लखनऊ सहित पूरे उतर प्रदेश में 16 जुलाई से चालीहा पर्व धूमधाम से मनाए जाने की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। लखनऊ सिंधी समाज के सीनियर सिटीजन पंडित अशोक शर्मा का कहना है कि सिंध प्रांत ( पाकिस्तान ) के राजा ने वहां की जनता व सिंधी समुदाय पर लगातार अत्याचार की हदें पार कर दी थी। उत्पीड़न से परेशान बड़ी संख्या में सिंधी समुदाय सिंधु नदी के किनारे कई दिनों तक प्रार्थना करने लगे तब खुश होकर भगवान झूलेलाल जी ने वरुण देवता के रूप में अवतार लिया।
उन्होंने उस क्रूर राजा को सबक सिखाकर सिंधी समुदाय को उसके जुल्म से मुक्ति दिलवाई तब से हर साल 40 दिनो तक भगवान झूलेलाल जी का चालीहा पर्व मनाया जाने लगा। कई सिन्धी परिवार जो पूरे चालीहा में व्रत रखते हुए पूजा अर्चना, कीर्तन और भजन करते हैं। वो 40 दिनों तक अपने घरों में शुद्ध शाकाहारी भोजन ग्रहण करते हैं।
लखनऊ सहित पूरे देश में यह पर्व सिंधी समुदाय भगवान झूलेलाल जी का ( चालीहा ) बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति के साथ घर घर में मनाता है। इस पर्व की खास बात यह भी है की इसमें रोज शाम को सिन्धी बाहुल्य क्षेत्रों के घरों और मंदिरों में पूजा अर्चना कीर्तन भजन व ढोल नगाड़ों की धुन पर होता है जिसमे जय झूलेलाल के जयकारे गूंजते हैं।
चेट्टी चंद मेला कमेटी के मुख्य मुख्य पदाधिकारियों में प्रवक्ता अशोक मोतियानी, अध्यक्ष रतन मेघानी, संजय जसवानी, सतेन्द्र भावनानी, श्याम कृष्नानी, गोपी चंद चंदवानी, राजू जसवानी, हंसराज राज्यपाल, गुलाब जसवानी, दीपक लालवानी, गौतम राजपाल, आनंद खत्री, अशोक चंदवानी, महेश तलरेजा, दिनेश रायचदानी, नीरज राज्यपाल, सहित अन्य पदाधिकारी लागतार तैयारियों ने जुटे हुए हैं।
लखनऊ में सिंधी समाज के प्रमुख गुरूदारों व मंदिरों में शिव शान्ति आश्रम, सिंधु भवन मवैया, एसएसडी धाम, एलडीए ,राजाजी पुरम, वा इंद्रानगर झूलेलाल मन्दिर, हरिओम मन्दिर, सिंधुनगर सिंधी पंचायत कृष्ण नगर, सहित सिंधी सभी संस्थाओं में भगवान झूलेलाल जी का चालीहा पर्व धूम धाम से मनाया जाएगा। पुजा, अर्चना, कीर्तन और भजन के साथ में प्रसाद वितरण के आयोजन भी किए जायेंगे।