योगी कैबिनेट ने पिछले दिनों पोंजी स्कीम के जरिए ज्यादा ब्याज का झांसा देकर अवैध तरीके से राशि जुटाने पर रोक व इस कृत्य पर कड़ी कार्रवाई संबंधी केंद्र सरकार के ‘अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019’ को राज्य में लागू करने की मंजूरी दी थी।
पोंजी स्कीम के जरिए लोगों की जमापूंजी लूटकर चंपत होने वालों के खिलाफ केंद्रीय कानून के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। केंद्रीय अधिनियम में ऐसे प्रकरण जिनमें एक से अधिक जिले या राज्य जुड़े हैं या धनराशि ज्यादा है, राज्य सरकार ऐसे मामलों की जांच सीधे सीबीआई को सौंप सकती है। राज्य सरकार ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव को इसके लिए सक्षम अधिकारी घोषित किया है। सरकार सभी कार्रवाई केंद्रीय अधिनियम के अनुसार करेगी।
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योगी कैबिनेट ने पिछले दिनों पोंजी स्कीम के जरिए ज्यादा ब्याज का झांसा देकर अवैध तरीके से राशि जुटाने पर रोक व इस कृत्य पर कड़ी कार्रवाई संबंधी केंद्र सरकार के ‘अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम, 2019’ को राज्य में लागू करने की मंजूरी दी थी। अपर मुख्य सचिव संस्थागत वित्त एस. राधा चौहान ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें कहा गया है किअधियिनम से संबंधित कार्रवाई के लिए सभी मंडलायुक्त अपने आधकारिता क्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी व मंडल स्तर पर अपर आयुक्त सहायक सक्षम प्राधिकारी होंगे।
नियमावली बनाने की कार्यवाही शुरू
शासन केंद्रीय अधिनियम को लागू करने के साथ इसके क्रियान्वयन के लिए जल्दी ही नियमावली (रूल) तैयार करेगा। इस संबंध में कार्यवाही शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने कुछ प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए रूल बनाने का अधिकार राज्य सरकार को दिया है। राज्य नियमावली भी कैबिनेट से पारित करवाकर लागू करेगा।