सीमेंट के दामों में 10 से 15 रुपये की कमी आई। ऐसे में निर्माण में तेजी शुरू हुई और व्यापार अच्छा होने लगा, लेकिन कुछ दिनों से मौरंग, सीमेंट व गिट्टी के दामों में काफी तेजी आ गई तो जनता ने निर्माण कार्य पर फिर से रोक दिए हैं।
सीमेंट-सरिया के दाम बाजार में गिरने लगे तो लोगों ने आशियानें का निर्माण की योजना बनानी शुरू की। लेकिन इस बीच मौरंग, बालू व गिट्टी के बढ़े दामों ने उन्हें एक बार फिर भवन निर्माण का प्लान टालने पर मजबूर कर दिया। सरिया के दामों में काफी गिरावट देखने को मिली है। सीमेंट के दामों में 10 से 15 रुपये की कमी आई है। वहीं मौरंग, बालू व गिट्टी के दामों में 10 से 15 रुपये की तेजी आई है।
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उत्तर प्रदेश सीमेंट व्यापार संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्याममूर्ति गुप्ता के मुताबिक, इधर सीमेंट के दामों में 10 से 15 रुपये की कमी आई। ऐसे में निर्माण में तेजी शुरू हुई और व्यापार अच्छा होने लगा, लेकिन कुछ दिनों से मौरंग, सीमेंट व गिट्टी के दामों में काफी तेजी आ गई तो जनता ने निर्माण कार्य पर फिर से रोक दिए हैं। वहीं, कुछ जरूरत के हिसाब से सामग्री ले रहे हैं।
लोहा व्यापारी रिपन कंसल के मुताबिक, आम सरिया में काफी गिरावट आने पर कंपनियों ने भी सरिया में गिरावट की। बात करें टाटा, कामधेनी समेत अन्य ब्रांड की कंपनी ने सरिया 10 रुपये तक गिरावट की है। कारोबारियों का कहना है कि डीजल के दामों में कमी आने से आने वाले दिनों में दामों में गिरावट आ सकती है।
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ओवरलोडिंग पर सख्ती से बढ़े दाम
प्रदेश अध्यक्ष श्याम मूर्ति ने बताया कि ओवरलोड पर सख्ती होने से पहले जो ट्रक हजार घन फीट खनन लोडिंग कर रहे थे। सरकार की तरफ से ओवरलोडिंग पर सख्ती करने से वहीं अब छह सौ घन फीट ही लोडिंग दी जा रही है। इससे लोडिंग अब नियम से की जा रही है, जिससे खनन वस्तुओं के दाम एकदम से बढ़ गए हैं जबकि पुरानी परिस्थितियों की तुलना में डीजल के दाम कम होने से ग्राहकों को लाभ मिल सकता था।
20 मई के रेट
सरिया 74 रुपये प्रतिकिलो
सीमेंट 440 रुपये बैग
मौरंग 55 रुपये घनफीट
बालू 25 रुपये घनफीट
गिट्टी 58 रुपये घनफीट
आठ जून के रेट
सरिया 62 रुपये प्रतिकिलो
सीमेंट 425 रुपये बैग
मौरंग 72 रुपये घनफीट
बालू 40 रुपये घनफीट
गिट्टी 70 रुपये घनफीट
ट्रक के हिसाब से घन फीट
पहले ट्रक हजार घन फीट 55 हजार रुपये का मिलता था, लेकिन उसी ट्रक में अब छह सौ घन फीट लोड किया जा रहा है। ऐसे में उसकी कीमत 43 हजार रुपये 200 रुपये हो गई है। वहीं, अगर हजार घनफीट से फर्क देखा जाए तो एक ट्रक में 17 हजार रुपये का बोझ उपभोक्ता पर पड़ रहा है।