आगरा मेट्रो रेल परियोजना के लिए कॉरिडोर और मेट्रो डिपो बनाने के लिए 8.6818 हेक्टेयर जमीन मेट्रो रेल कार्पोरेशन को मुफ्त देने का फैसला किया है। आवास विभाग के इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे गई है। प्रस्ताव के मुताबिक आगरा मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर एक के मेट्रो डिपो निर्माण के लिए जमीन की व्यवस्था आड़े आ रही थी। इसके मद्देनजर सरकार ने 15वीं बटालियन पीएसी आगरा कैंपस व मंडलायुक्त कार्यालय कैंपस की चिह्नित जमीन और ताजमहल मेट्रो स्टेशन के लिए उद्यान विभाग की शाहजहां पार्क स्थित कुल 8.6818 हेक्टेयर जमीन देने का फैसला किया गया है। इस जमीन की कीमत 317.12 करोड़ है। इसपर सात प्रतिशत की दर से 22.19 करोड़ स्टांप शुल्क और मालियत पर एक प्रतिशत की दर से 3.17 करोड़ रुपये का छूट प्रदान करने का फैसला किया गया है।
14 निवेशक कंपनियों को जारी होगा ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’
प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से 14 निवेशक कंपनियों को ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ जारी किया जाएगा। जबकि दो को पूर्व में जारी ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ निरस्त करने और एक कंपनी के ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ को पुनरीक्षित करने का फैसला किया गया है। औद्योगिक विकास विभाग द्वारा तैयार इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई है। जिन कंपनियों को ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ जारी करने का फैसला किया गया है, उनमें स्टेलर सीमेंट प्रा.लि. की कौशांबी व अयोध्या की यूनिट, डालमिया भारत ग्रीन विजन लि. की मिर्जापुर, फतेहपुर व जौनपुर की यूनिट, कनौडिया सेम प्रा.लि. की अमेठी व अलीगढ़ यूनिट शामिल हैं। इनके अलावा श्री सीमेंट नार्थ प्रा.लि. की एटा यूनिट, स्पर्श इंडस्ट्री प्रा.लि. कानपुर देहात, वरुण बेवरेज लि. संडीला (हरदोई), एग्रिस्टो मासा प्रा.लि. बिजनौर, मून बेवरेज लि. हापुड़ को भी ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ जारी करने का फैसला किया गया है। इन सभी कंपनियों द्वारा 5770 करोड़ रुपये का निवेश किया जाना है और इनके माध्यम से करीब 5600 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इसके अलावा यूनिलीवर इंडिया लि. सुमेरपुर (हमीरपुर) को भी ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ जारी किया जाएगा। इस कंपनी द्वारा 338 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। गोरखपुर की गैलेंट इस्पात लि. को पूर्व में जारी ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ को पुनरीक्षित करने और मेरठ की पसवारा पेपर्स लि. व शामली की निकिता पेपर्स लि. का ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ निरस्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
दो कंपनियों को 96.61 करोड़ की वित्तीय सुविधा
औद्योगिक विकास विभाग के एक अन्य प्रस्ताव में बुलंदशहर की मेसर्स श्री सीमेंट को 34.73 करोड़, संडीला (हरदोई) की वरुण बेवरेज लि. को 20.57 करोड़ और गोरखपुर की गैलेंट इस्पात लि. को 41.31 करोड़ रुपये की वित्तीय सुविधा दिए जाने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट से मंजूरी दी गई है।
पीआरडी जवानों का प्रतिमाह 600 रुपये बढ़ा ड्यूटी भत्ता
चुनावी साल में सरकार ने पीआरडी जवानों के ड्यूटी भत्ते में 600 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है। इस तरह इन जवानों के ड्यूटी भत्ता में प्रतिदिन के हिसाब से 20 रुपये का इजाफा होगा। इस फैसले के बाद पीआरडी जवानों को अब प्रतिदिन 375 के स्थान पर 395 रुपये ड्यूटी भत्ता मिलेगा। युवा कल्याण विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के साथ ही युवा कल्याण विभाग ने बृहस्पतिवार को शासनादेश भी जारी कर दिया है। बढ़ा भत्ता शासनादेश जारी होने की तिथि से ही लागू होगा। प्रदेश में इस समय करीब 44 हजार पीआरडी जवान हैं।
वाराणसी में मंडलीय कार्यालय बनाने का रास्ता साफ
सरकार ने वाराणसी में 6.68 एकड़ जमीन पर मंडलीय कार्यालय बनाने का रास्ता साफ कर दिया है। इसे पीपीपी मॉडल पर बनाने के लिए आरएफपी व ड्राफ्ट कंसेशन एग्रीमेंट को मंजूरी दे दी गई है। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि वाराणसी में एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण किया जाना है। इसके निर्माण पर 324.88 करोड़ रुपये खर्च होगा। आवास विभाग ने इसे पीपीपी मॉडल पर बनाने का प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूर कराया था। इसके लिए आरएफपी व ड्राफ्ट कंसेशन एग्रीमेंट की मंजूरी जरूरी थी। इसका निर्माण 21 महीनों में पूरा किया जाएगा। मंडलीय कार्यालय 29446.9 वर्ग मीटरए व्यवसायिक भवन 29186.5 वर्ग मीटर, सभागार 835 वर्ग मीटर और कमिश्नरी अदालत 1854 वर्ग मीटर में होगा। इसके बनने के बाद 45 मंडलीय स्तर के कार्यालय इसमें शिफ्ट हो जाएंगे।
औरैया में केवीके का संचालन अब विश्वविद्यालय के हवाले
प्रदेश सरकार ने औरैया में एक गैर सरकारी संस्था के स्तर से संचालित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने व उसका संचालन चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के प्रशासनिक नियंत्रण में देने संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी है। फैसले के मुताबिक एक गैर सरकारी संस्था औरैया जिले के परवाहा में कृषि विज्ञान केंद्र का संचालन कर रही थी। सरकार ने संस्था से इसका संचालन लेकर स्थान बदलने व संचालन सरकारी संस्था के नियंत्रण में करने का फैसला किया है। इस केवीके का संचालन अब विधूना तहसील के मौजा गुवारी में उपलब्ध कराई जा रही भूमि पर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के प्रशासनिक नियंत्रण में किया जाएगा। कृषि विज्ञान केंद्र औरैया के प्रशासनिक भवन का निर्माण राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के मद से किया जाएगा। इस केंद्र के संचालन पर आने वाला शत-प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के माध्यम से वहन करेगी। पूर्व में सृजित पदों के माध्यम से ही केंद्र का संचालन किया जाएगा। बताया गया है कि गैर सरकारी संस्था के खिलाफ शिकायतें हुई थी। जांच में शिकायतें सही पाए जाने पर इसके संचालन की व्यवस्था बदलने का फैसला हुआ है।
ललितपुर में तहसीलों के नए सिरे से परिसीमन पर मुहर
प्रदेश सरकार ने ललितपुर जिले की तहसीलों के नए सिरे से परिसीमन संबंधी प्रस्तावों को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी है। निर्णय के अनुसार ललितपुर जिले की पाली तहसील के 23 राजस्व ग्राम तहसील मडावरा में, ललितपुर तहसील के 14 राजस्व ग्राम तहसील पाली में तथा पाली के 11 राजस्व ग्राम तहसील महरौनी में शामिल किए गए हैं। शासन ने जनहित व प्रशासनिक हित का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
पंद्रह मीटर से कम ऊंचे पुराने भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों को किया गया शिथिल
सरकार ने 15 मीटर से कम ऊंची इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों को शिथिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे संबंधित प्रस्ताव को बृहस्पतिवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दी गई। निर्णय के अनुसार जो पुराने भवन राष्ट्रीय भवन संहिता के मानक निर्धारण से पहले के बने हुए हैं वहां अनापत्ति प्रमाण पत्र देने में कठिनाई आ रही थी। इस कठिनाई को दूर करने के लिए पहुंच मार्ग और सेट बैक के निर्धारित मानकों में शिथिलता बरतने का प्रस्ताव अग्निशमन विभाग ने शासन को भेजा था। इसे मंजूरी दे दी गई है।