प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों के आगामी पेराई सत्र 2020-21 के लिए यूपी सहकारी बैंक व जिला सहकारी बैंकों से उपलब्ध कराई जाने वाली नकद साख सीमा (कैश क्रेडिट लिमिट) को शासकीय गारंटी प्रदान करने के प्रस्ताव शुक्रवार को कैबिनट बाईसर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई।
सहकारी चीनी मिल्स संघ की 24 इकाइयों में गन्ना पेराई प्रारंभ होनी है। इन्हें चलाने के लिए बैंकों से ली जाने वाली सीसी लिमिट को हर वर्ष शासकीय गारंटी दी जाती है। पिछले पेराई सत्र 2019-20 में 3221.63 करोड़ की नकद साख सीमा के विरुद्ध शासकीय गारंटी दी गई थी। देय गारंटी शुल्क 8.05 करोड़ रुपये को माफ किया गया था। आगामी पेराई सत्र के लिए 24 सहकारी चीनी मिलों को 3650 रुपये शासकीय गारंटी देने के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया गया। शासकीय गारंटी पर देय शुल्क 9.12 करोड़ के भुगतान से छूट प्रदान की गई है।