UP by-election: यूपी के उपचुनाव में सपा 90 फीसदी आबादी पर फोकस करने जा रही है। सपा का केंद्रीय नेतृत्व लोकसभा चुनाव में आजमाए गए फॉर्मूले को फिर से लागू करने की कोशिश करता दिखेगा।
सपा उपचुनाव में 10 प्रतिशत बनाम 90 प्रतिशत के अपने एजेंडे को धार देने में जुट गई है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को रणनीति समझाते हुए संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण के मुद्दों पर फोकस करने पर जोर दिया है।
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इसी रणनीति के तहत अखिलेश ने गाजियाबाद में कहा था कि ये चुनाव भाजपा राज में खतरे में पड़े संविधान, लोकतंत्र, आरक्षण, प्रेस-मीडिया की आजादी और जातीय जनगणना की मांग को पूरा करने और प्रभुत्ववादी सोच के 10 प्रतिशत लोगों से 90 प्रतिशत पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) को बचाने के लिए है। पीडीए की एकजुटता और एकता दिखाने का भी यह चुनाव है। लोकसभा चुनाव में अयोध्या की जीत ने दिखा दिया है कि लोकतंत्र में कुछ भी असंभव नहीं है।
सपा नेतृत्व स्पष्ट तौर पर यह कह चुका है कि आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि भारत शायद विश्व का सबसे बड़ा गैरबराबरी वाला देश है। अमीर और भी अमीर बनता जा रहा है। देश के 10 फीसदी सामान्य वर्ग के समृद्ध लोग 60 फीसदी राष्ट्रीय संपत्ति पर काबिज हैं। उपचुनाव में इन्हीं सब मुद्दों पर फोकस करते हुए सपा प्रचार अभियान चला रही है।