Ayodhya Medical College: संविदाकर्मी प्रभुनाथ मिश्र की मौत के मामले में प्राचार्य प्रो. ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। प्रभुनाथ के पिता जगदीश चंद्र मिश्र ने जांच कराने के लिए पांच सितंबर को कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के संविदाकर्मी प्रभुनाथ मिश्र की मौत के मामले में प्राचार्य प्रो. ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अंशुमाली पांडेय ने जगदीश चंद्र मिश्र बनाम कुमारी ऋतु की याचिका पर सुनवाई के बाद बुधवार को यह आदेश दिया। इस मामले में एमबीबीएस के दो विद्यार्थियों समेत 11 अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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प्रभुनाथ के पिता जगदीश चंद्र मिश्र ने जांच कराने के लिए पांच सितंबर को कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उनके अनुसार हैदरगंज क्षेत्र निवासी प्रभुनाथ मिश्र मेडिकल कॉलेज में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात थे। 29 जुलाई, 2024 को मेडिकल कॉलेज की 2020 बैच की छात्राओं ऋतु व निर्मला कुमावत से रजिस्ट्रेशन स्लिप बनाने को लेकर प्रभुनाथ मिश्र का विवाद हो गया।
शिकायत मेडिकल कॉलेज प्रशासन से की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। प्रभुनाथ के परिजनों के अनुसार उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। आरोप है कि सात अगस्त को प्राचार्य ने प्रभुनाथ को फिर से धमकाया। घर जाकर उन्होंने परिजनों से सारी बात बताई और रात में विषाक्त पदार्थ खा लिया। आठ अगस्त को इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज लखनऊ में उनकी मौत हो गई थी।