प्रदेश में हो रहे विधानसभा के उपचुनाव में कांग्रेस के मैदान में उतरने की संभावना कम होती जा रही है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय दिल्ली में डटे हुए हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के वायनाड में होने की वजह से बुधवार को यूपी उपचुनाव पर बात नहीं हो पाई। अब बृहस्पतिवार को बैठक बुलाई गई है।
विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने पांच सीट पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था लेकिन समाजवादी पार्टी ने सिर्फ गाजियाबाद और खैर सीट छोड़ी। मंगलवार को सपा की ओर से फूलपुर सीट भी छोड़ने के संकेत दिए गए लेकिन बुधवार को यहां से सपा उम्मीदवार मुज्तबा सिद्दकी ने पर्चा दाखिल कर दिया। सियासी नब्ज पर नजर रखने वाले लोगों का तर्क है कि समाजवादी पार्टी ने फूलपुर में नामांकन कराकर गठबंधन के मसौदे पर पेंच फंसा दिया है।
कांग्रेस के खिलाफ जा सकता है संदेश
राहुल गांधी, नेता विपक्ष, लोकसभा
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यदि कांग्रेस जिद करके यह सीट ले भी लेती है तो सियासी तौर पर अल्पसंख्यकों के बीच गलत संदेश जाएगा। जाहिर है कि कांग्रेस इस तरह का जोखिम नहीं उठाएगी। दूसरी बात यह है कि नामांकन के लिए सिर्फ दो दिन बचे हैं। सभी सीटों पर सपा के उम्मीदवार तैयारी कर चुके हैं। ऐसे में किसी अन्य सीट पर कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारा तो भी गठबंधन के लिहाज से गलत संदेश जाएगा। ऐसे में इस बात की संभावना ज्यादा है कि कांग्रेस उपचुनाव से किनारा कर ले।
इस मुद्दे पर नेताओं ने साधी चुप्पी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय।
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हालांकि दिल्ली में डेरा डाले कांग्रेस के नेता अभी तक चुनाव नहीं लड़ने के मुद्दे पर चुप हैं और शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन की दुहाई दे रहे हैं। फिलहाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का कहना है कि भाजपा के जंगलराज को खत्म करना जरूरी है। भाजपा को हटाने के लिए हर स्तर पर कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। सपा और कांग्रेस मिलकर भाजपा का सफाया करेगी। जहां तक चुनाव लड़ने का सवाल है इस मुद्दे पर बृहस्पतिवार को शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक होगी। बैठक में लिए गए निर्णय के तहत आगे की सियासी रणनीति बनाई जाएगी। अजय राय ने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन में शामिल सभी दलों को एक दूसरे की सियासत का ध्यान रखना चाहिए।