उत्तर प्रदेश में 22 फरवरी से नौ मार्च के बीच होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा कड़ी निगरानी में आयोजित की जाएगी। रविवार को माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने राज्य स्तरीय कंट्रोम रूप का उद्घाटन किया। प्रथम पाली की परीक्षा का समय सुबह 8 से 11.15 बजे के स्थान पर बढ़ाकर 8.30 से 11.45 बजे किया गया। द्वितीय पाली का समय पूर्ववत् अपराह्न 2.00 से शाम 5.15 तक है।
यूपी बोर्ड परीक्षाओं में हाईस्कूल 29,47,311 एवं इंटरमीडिएट के 25,77,997 परीक्षार्थी शामिल होंगे। बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के लिए 8265 परीक्षा केंद्र बनाये गए हैं, जिनमें 275 परीक्षा केंद्रों को अति संवेदनशील एवं 466 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया है। हर परीक्षा केंद्र के हर कक्ष में सीसीटीवी कैमरे, वॉयस रिकॉर्डर तथा राउटर स्थापित किये गये हैं। पूरी परीक्षा अवधि की लाइव मॉनीटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से की जाएगी। परीक्षा के लिए 8265 केन्द्र व्यवस्थापक, 8265 वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक, 8265 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 1273 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 424 जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। 405 सचल दलों का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त शासन स्तर से प्रत्येक जनपद के लिए 75 राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों की भी नियुक्ति की गयी है।
प्रत्येक जिले में ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गयी है। संवेदनशील एवं अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों की निगरानी के लिए एसटीएफ एवं स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) को सम्पूर्ण परीक्षा अवधि तक सक्रिय रखा गया है, जिससे परीक्षा प्रश्न-पत्रों के प्रकटन के प्रयास की सम्भावना पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जा सके। परीक्षा की निगरानी के लिए रविवार को माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने शिविर कार्यालय, शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) लखनऊ में नवीनीकृत सभागार का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने राज्य स्तरीय कन्ट्रोल रूम का उद्घाटन भी किया। प्रदेश में पहली बार परिषद के पांचों क्षेत्रीय कार्यालय- प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, बरेली एवं गोरखपुर में भी एक- एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए डबल लॉक अलमारी की व्यवस्था की गई है। इसे खोलने, प्रश्नपत्रों के पैकेट को खोलने, प्रश्नपत्रों के वितरण तथा अवशेष प्रश्नपत्रों को स्ट्रांग रूम में अलग से रखी डबल लॉक अलमारी में रखने आदि की व्यवस्था की गई है। इसकी निगरानी के लिए परिषद 10 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर्स के रूप में प्रशिक्षण दिया गया है। करीब 2.75 लाख कक्ष निरीक्षकों के लिए पहली बार एक सुरक्षित क्यूआर कोड एवं क्रमांकयुक्त कम्प्यूटराइज्ड परिचय-पत्र तैयार कराया गया है। इस दौरान शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ0 महेन्द्र देव, अपर शिक्षा निदेशक सुरेंद्र कुमार तिवारी, अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय)अजय कुमार द्विवेदी, सचिव दिव्यकान्त शुक्ल आदि मौजूद रहे।