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यूपी बोर्ड परीक्षा : विज्ञान के प्रयोग के सिद्धांत को तर्क के आधार पर समझने का करें प्रयास

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लखनऊ। यूपी बोर्ड की 12वीं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं पहली फरवरी से शुरू हो रही हैं। इसे लेकर विद्यार्थियों के मन में कई तरह की दुविधाएं हैं। शनिवार को विद्यार्थियों ने प्रयोग परामर्श हेल्पलाइन में फोन कर अपनी समस्याएं बताईं और विषय विशेषज्ञों से परामर्श लिया। विशेषज्ञों ने भी विज्ञान के प्रयोग के सिद्धांत को तर्क के आधार पर समझने के लिए प्रेरित किया।
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संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में शिक्षकों ने विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान परेशान न होने की सलाह दी। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज दिबीयापुर के भौतिक विज्ञान की प्रवक्ता संध्या राजपूत ने बताया कि सत्रीय और प्रोजेक्ट कार्य समय से पूरा कर अपने विषय अध्यापक से जांच जरूर कराएं। प्रयोग से संबंधित उपकरण, सिद्धांत व सामान्य शब्दावली से परिचित रहें। प्रयोग को लिखते समय चित्र भी बनाएं।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज इंदिरानगर की रसायन विज्ञान की प्रवक्ता श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि गुणात्मक विश्लेषण के तहत अम्लीय व छारीय मूलकों के परीक्षण में सैद्धांतिक पक्ष जरूर समझें। परीक्षण लिखते समय रासायनिक अभिक्रियाएं जरूर लिखें।
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सरोसा भरोसा की जीव विज्ञान की प्रवक्ता दीप्ति विश्वकर्मा ने बताया कि स्पॉटिंग में सिर्फ मुख्य लक्षण ही लिखें। चित्र नामांकित को स्पष्ट होना चाहिए। मौखिकी के लिए बनाए गए चार्ट व मॉडल अच्छी तरीके से तैयार करें। इसे अपनी पसंद के शीर्षक पर ही बनाएं तो अच्छा होगा। स्लाइड बनाते समय ध्यान रखें कि उसमें बबल्स न हो।
विद्यार्थियों के सवालों का मिला जवाब
सवाल :
एग्जामिनर के सामने वायवा देने में घबराहट होती है। इस डर का सामना कैसे किया जाए?
- तूबा फातिमा, शाहमीणा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज लखनऊ
जवाब : परीक्षा से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। विषय से संबंधित तथ्यों का अध्ययन कर पूर्ण आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों के उत्तर दें।
सवाल : वायवा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं? क्या पूरी किताब पढ़नी पड़ेगी?
-अनुराग विश्वकर्मा पीवीआर इंटर कॉलेज प्रयागराज

जवाब : वायवा का क्षेत्र विस्तृत होता है, लेकिन प्रोजेक्ट चार्ट एवं प्रयोग से विशेष रूप से प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
सवाल : कौन-कौन से प्रैक्टिकल महत्वपूर्ण हैं? प्रोजेक्ट जरूरी है क्या?
- संजना, भारत शिक्षा निकेतन बाराबंकी

जवाब : विज्ञान विषय में सभी प्रैक्टिकल महत्वपूर्ण होते हैं। प्रोजेक्ट पर आठ अंक निर्धारित हैं। अतः विषय विशेष पर प्रोजेक्ट अवश्य तैयार करें। रसायन विज्ञान में मुख्यतः गुणात्मक विश्लेषण, आयतनमिति विश्लेषण और विषय वस्तु आधारित प्रयोग मुख्य होते हैं।
सवाल : पूर्ण तरंग दिष्टकारी के विषय में क्या प्रश्न पूछे जा सकते हैं?
-मानसी, राजकीय बालिका इंटर कालेज, सीतापुर
जवाब : पूर्ण तरंग दिष्टकारी की क्रियाविधि अर्ध तरंग दिष्टकारी एवं पूर्ण तरंग दिष्टकारी में अंतर, पीएन जंक्शन डायोड का अग्र अभिनत और पश्च अभिनत में क्रियाविधि के बारे में अच्छे से पढ़ लें।
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सवाल : भौतिक विज्ञान में प्रयोग को कैसे लिखना होता है? क्या चित्र बनाना आवश्यक है?
-आयुष गुप्ता, कानपुर

जवाब : प्रयोग लिखते समय उद्देश्य, आवश्यक उपकरण, सिद्धांत, परीक्षण सारणी, गणना, निष्कर्ष लिखने के साथ-साथ आवश्यक ग्राफ और चित्र भी बनाएं।
सवाल : यदि दिया गया प्रश्न न आता हो तो क्या दूसरा प्रश्न लिखा जा सकता है?
- अनुष्का निषाद, जीजीआईसी लखीमपुर खीरी
जवाब : नहीं, जो प्रश्न दिया गया है, सिर्फ उसी का उत्तर लिखें।
सवाल : वायवा के लिए तैयारी कैसे करें, समझ में नहीं आ रहा।
- स्वाति शर्मा, कलावती इंटर कॉलेज, हरदोई

जवाब : वायवा पूरे कोर्स से पूछा जा सकता है, लेकिन यदि आपने कोई चार्ट या मॉडल बनाया हो तो उसको अच्छे से तैयार करें। प्रैक्टिकल फाइल अच्छे से पढ़ लें।
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