यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की स्कीम विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम जारी होने के बाद ही तैयार होगी। चूंकि प्रस्तावित स्कीम चुनाव आयोग को देने का कोई लिखित या मौखिक निर्देश अभी तक यूपी बोर्ड को नहीं मिला है, इसलिए अधिकारी चुनाव की तारीखें घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद ही परीक्षाएं कराने का फैसला किया गया है।
पिछले दिनों यूपी बोर्ड ने 16 फरवरी से 20 मार्च के बीच इम्तिहान कराने का फैसला किया था, पर चुनाव आयोग ने इस पर सख्त एतराज जताते हुए स्कीम जारी करने पर रोक लगा दी। साथ ही यूपी बोर्ड के अधिकारियों को दिल्ली तलब भी किया।
यूपी बोर्ड और आयोग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में तय किया गया था कि पहले प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रम आयोग को दिया जाएगा। आयोग की सहमति से ही यह जारी होगा, ताकि चुनाव की तारीखें और परीक्षाएं एक ही दिन न पड़ जाएं।
यूपी बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रम के बारे में आयोग से कोई भी लिखित या मौखिक आदेश उन्हें नहीं मिले हैं। इसलिए कोई कार्यक्रम अभी तैयार नहीं किया गया है।
चुनाव आयोग का निर्देश न मिलने की पुष्टि बोर्ड की सचिव शैल यादव ने भी की। उन्होंने कहा, परीक्षाएं चुनाव बाद ही कराई जाएंगी। जैसे ही चुनाव की तिथियां जारी होंगी, उसके बाद परीक्षा कार्यक्रम जारी किया जाएगा। साथ ही कहा कि परीक्षा कार्यक्रम को लेकर चुनाव आयोग के जो भी निर्देश होंगे, उसका पूरी तरह से पालन होगा।