विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों से निजीकरण और बिजली दर पर रिपोर्ट मांगी है। इसमें बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के निकल रहे 33122 करोड़ का मामला भी शामिल है। बिजली दर की सुनवाई के दौरान राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का निकल रहे 33122 करोड़ का मुद्दा उठाया था। मांग की थी कि बिजली दर बढ़ाने के बजाय 45 फीसदी कम किया जाए। यह भी विकल्प दिया था कि पांच वर्ष तक 9 फीसदी की दर से कमी करके भी भरपाई की जा सकती है। इसी तरह निजीकरण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। चूंकि विद्युत अधिनियम के तहत उपभोक्ताओं के हर सवाल का जवाब लिए बगैर बिजली दर निर्धारण नहीं किया जा सकता है। ऐसे में नियामक आयोग ने उपभोक्ता परिषद की ओर से उठाए गए सवालों के बारे में बिजली कंपनियों ने जवाब तलब किया है। ऐसे में अब पूर्वांचल व दक्षिणांचल को लिखित जवाब विद्युत नियामक आयोग को दाखिल करना पड़ेगा और पूरे मसौदे को सार्वजनिक भी करना पड़ेगा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि पाॅवर काॅर्पोरेशन प्रबंधन निजीकरण मामले में गलत आंकड़े दे रहा है। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि ट्रांजेक्शन एडवाइजर कंपनी की ओर से तैयार किए गए प्रपत्रों के आधार पर शासन से लेकर नियामक आयोग तक दौड़ लगाई जा रही है। लेकिन, उनके मंसूबे पूरे नहीं होंगे। जिस तरह से गलत आंकड़ों के आधार पर ट्रांजेक्शन एडवाइजर कंपनी तय की गई है। उसी तरह से निजीकरण के मसौदे भी तैयार किए जा रहे हैं। उधर, विभिन्न जिलों एवं परियोजना मुख्यालयों पर मंगलवार को भी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। मांग की कि निजीकरण प्रस्ताव रद्द किया जाए।
सांसद डिंपल यादव ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर आपत्ति जताई है। उन्होंने दक्षिणांचल के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है। इसमें बताया है कि मैनपुरी में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं। बिना किसी पूर्व सूचना अथवा उपभोक्ताओं की सहमति के मीटर जबरन बदले जा रहे हैं, जिससे जनता में नाराजगी और अविश्वास का वातावरण बन गया है। क्षेत्र में कुल 2.80 लाख स्मार्ट मीटर लगने हैं, जिसमें 58,687 मीटर बदले जा चुके हैं। इस पूरी प्रक्रिया में न तो पारदर्शिता है और न ही उपभोक्ताओं की सहभागिता है। ऐसे में उपभोक्ताओं की समस्या को देखते हुए वर्तमान प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।