विवेकानंद ने बताया कि एक व्यक्ति को दो साल में एक बार ही मदद की जाएगी। आवेदन से 3 माह पूर्व व्यवस्था शुल्क जमा होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही इसका लाभ प्राप्त करने के लिए संगठन का वैधानिक सदस्य भी होना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त इस योजना का लाभ लेने के लिए पूर्व में बीमारी के लिए की गई अपील में 90 फीसदी अवसरों पर सहयोग करना भी आवश्यक होगा।
उन्होंने बताया कि आवेदन सीधे जिला टीम के माध्यम से स्वीकार किया जाएगा। आवेदन के लिए रजिस्टर्ड और मान्यता प्राप्त हॉस्पिटल का स्टीमेट ही मान्य होगा। खर्च की गणना अस्पताल में भर्ती होने से डिस्चार्ज होने तक की ही की जाएगी। यह खर्च एलोपैथी इलाज का ही मान्य होगा। उन्होंने कहा है कि अगर शिक्षक का कोई इलाज होने वाला है तो सभी पेपर और इस्टीमेट के साथ अपने जिला टीम को आवेदन भेज दें।