नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रदेश के किसी भी परीक्षा केंद्र के कक्ष में परीक्षक के भ्रमणशील न होने पर एआई के जरिये विश्वविद्यालय के कमांड सेंटर में अलार्म बज जाएगा। इस पर कमांड सेंटर से तत्काल केंद्राध्यक्ष से संपर्क किया जाएगा। इसी तरह निर्धारित संख्या से अधिक लोगों के स्ट्रांग रूम में प्रवेश करने पर कमांड सेंटर में अलार्म बज जाएगा। साथ ही समय से पहले पेपर खुलने पर भी अलार्म बजेगा। इसके अलावा पहली बार वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईसी) का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों का फेस रिकॉग्नाइजेशन भी होगा। इसके जरिये चेहरे की मिलान की जाएगी। चेहरे की पचास फीसदी भी मिलान होने पर अभ्यर्थी को परीक्षा देने की अनुमति मिलेगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के कमांड सेंटर में अभ्यर्थियों की रियल टाइम अटेंडेंस दर्ज होगी।
परीक्षार्थी इन बातों का रखें ध्यान...
- परीक्षार्थी समय से एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं।
- अभ्यर्थी को अपने साथ प्रवेश पत्र का प्रिंट आउट व अपनी एक फोटो अनिवार्य रूप से साथ ले जानी होगी।
- अभ्यर्थी अपने साथ किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर आदि लेकर न जाएं।
- परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट पर किसी भी प्रकार का कोई चिह्न न लगाएं।
- अपनी ओएमआर शीट भरते समय बहुत सावधानी बरतें।
पूरी हैं परीक्षा की तैयारियां
संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। परीक्षा शांतिपूर्ण और नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी 51 जनपदों के स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर लिया गया है। प्रदेश के सभी 470 परीक्षा केंद्रों पर विश्वविद्यालय में बनाए गए कमांड सेंटर से नजर रखी जाएगी। - प्रो. मुकेश पांडेय, कुलपति