यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने को उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की ऐसी तस्वीर सेना का 'मॉरल डाउन' करने की कोशिश है।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सतीश महाना ने कहा कि प्रधानमंत्री कोई भी हो या किसी भी दल का हो ऐसा कृत्य असंवैधानिक है। ऐसा करके अलगाववादियों और देशद्रोहियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अलगाववादी नारा लगाते हैं सर तन से जुड़ा और विपक्ष की पार्टी ऐसे ही तस्वीर पोस्ट कर रही है जिसकी अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती।
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उन्होंने कहा कि विपक्ष को आलोचना करने का पूरा अधिकार है लेकिन ऐसी आपत्तिजनक फोटो किसी भी रूप में स्वीकार नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बाद में इस पोस्ट को हटाने का भी कोई मतलब नहीं है क्योंकि इस पोस्ट के जरिए उन्होंने अपनी मंशा साफ कर दी है। इस पोस्ट को कट्टरपंथी सोच की उपज बताते हुए महाना ने कहा कि इससे अलगाववादियों को समर्थन मिलेगा और उनकी सोच को मजबूती मिलेगी।
धर्म पूछ कर हत्या करने के मामले पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर महाना ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले भी जम्मू कश्मीर में यही होता था। उन्होंने ऐसी कई घटनाओं का जिक्र किया और कहा कि ऐसी घटना के अगले दिन तत्कालीन सरकार का बयान होता था कि अलगाववादी शांति प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं जबकि आज की बात करें तो इस घटना के तत्काल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना विदेश दौरा बीच में छोड़कर आए बल्कि तत्काल सख्त एक्शन भी लिए।
रॉबर्ट वाड्रा का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि देश की बड़ी पार्टी के नेता के रिश्तेदार के बयानों को तो पाकिस्तान हाथों हाथ ले रहा है। उन्होंने कहा की धर्म पूछने के बाद गोली मारने पर सवाल उठाने वाले भी देशद्रोही हैं और आतंकवादियों का समर्थन कर रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा की पहलगाम घटना के बाद देश में जिस तरह से इस घटना पर सवाल उठाने वाले सामने आ रहे हैं तो ऐसा लगता है कि पाकिस्तान का काम तो यहीं पर बैठे लोग कर रहे हैं।