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यूपी विधानसभा चुनाव : पहली बार कांग्रेस-नेहरू परिवार का सदस्य सीएम पद का चेहरा

Sat, 22 Jan 2022 01:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

प्रियंका गांधी ने कहा-यूपी में पार्टी का मेरे अलावा कोई और चेहरा नहीं।
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प्रियंका गांधी - फोटो : twitter/priyankagandhi
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विस्तार
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देश में पहली बार कांग्रेस-नेहरू परिवार का कोई सदस्य सीएम पद का उम्मीदवार होगा। पार्टी की यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने सीएम पद के चेहरे से संबंधित सवाल पर कहा कि प्रदेश में पार्टी का उनके अलावा कोई और चेहरा नहीं है। राजनीतिक हलकों में इसके गहरे निहितार्थ माने जा रहे हैं। विश्लेषकों की नजर में भी इस फैसले से यूपी में कांग्रेस काफी सीटों पर मुकाबले में जरूर दिखेगी।

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प्रियंका से पूछा गया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के चेहरे को लेकर सवाल उठते रहे हैं। लेकिन, पार्टी की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। क्या पार्टी बिना चेहरे के यूपी में चुनाव लड़ेगी। प्रियंका ने जवाब दिया कि क्या आपको (मीडिया को) यूपी में कांग्रेस पार्टी की तरफ से किसी और का चेहरा दिख रहा है? इस पर पुन: पूछा गया कि क्या आप ही चेहरा होंगी। प्रियंका ने कहा कि प्रदेश में हर जगह पर उन्हीं का चेहरा दिख रहा है।

प्रियंका का जवाब गोलमोल, पर राजनीति में नया परिवर्तन 
बीएचयू के राजनीति शास्त्र विभाग के प्रो. कौशल किशोर मिश्रा कहते हैं कि यूपी में सीएम पद के चेहरे को लेकर प्रियंका गांधी का जवाब गोलमोल है। अगर वह सीएम पद का चेहरा हैं तो उन्हें स्वयं चुनाव मैदान में उतरकर किसी सीट से चुनाव लड़ना चाहिए। सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से लड़़ रहे हैं और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी करहल से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। मायावती भी कह चुकी हैं कि चुनाव नहीं लड़़ेंगी, पर अगर उनकी पार्टी बहुमत में आती है, तो वह ही मुख्यमंत्री बनेंगी। वह कई बार सीएम रह चुकी हैं, इसलिए उनका ऐसा कहना तर्कसंगत लगता है। लेकिन, प्रियंका ने तो आज तक कोई चुनाव लड़ा ही नहीं। गांधी परिवार के किसी सदस्य का सीएम पद के चेहरे के बाबत इस तरह की बात करना वाकई राजनीति में नया परिवर्तन है। क्योंकि, इस परिवार के सदस्य हमेशा प्रधानमंत्री पद के दावेदार ही रहे हैं।
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त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय मुकाबले में आ सकती है कांग्रेस
दिल्ली विवि के जाकिर हुसैन कॉलेज के शिक्षक व राजनीतिक विश्लेषक डॉ. लक्ष्मण यादव कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी के सीएम पद के चेहरे को लेकर जिस तरह से प्रियंका का बयान आया है, वो पार्टी की खोई जमीन को वापस लाने में मददगार साबित हो सकता है। अभी भाजपा चाहती है कि लड़ाई उसके और सपा के बीच रहे, ताकि हिंदू-मुस्लिम के आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण हो सके। प्रियंका के बयान से यूपी की 30-40 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय मुकाबले में आ सकती है। बसपा का अपना आधार वोट है। कांग्रेस के भी प्रभावी भूमिका में आने से धर्म के आधार पर ध्रुवीकरण नहीं हो सकेगा। इससे धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक ताकतों को फायदा होगा।

प्रियंका लड़ सकती हैं विधानसभा चुनाव
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव लड़ सकती हैं। इसके लिए पार्टी में मंथन चल रहा है। प्रियंका का यह भी दावा है कि कांग्रेस के बिना यूपी में किसी की भी सरकार नहीं बनेगी।

एक न्यूज चैनल से बातचीत में प्रियंका ने कहा कि पार्टी ने उन्हें अभी यूपी में मुख्यमंत्री पद का कैंडीडेट नहीं बनाया है। चुनाव में हमेशा मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करना जरूरी भी नहीं होता। चुनाव बाद गठबंधन के सवाल पर कहा कि यह तो स्पष्ट है कि हम भाजपा का समर्थन नहीं करेंगे। सपा या बसपा के मामले में ऐसी स्थिति आई तो उस पर जरूर विचार करेंगे। लेकिन, निर्णय वही लेंगे जो यूपी के लिए अच्छा होगा। यहां के लोगों के हित में होगा। रायबरेली या अमेठी की किसी सीट से चुनाव लड़ने के सवाल पर प्रियंका ने कहा कि इंतजार करें। इस बारे में पार्टी के भीतर चर्चा हो रही है। 8-10 दिन में फैसला ले लिया जाएगा।

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