दरअसल, भाजपा ने एमएलसी और राज्यसभा चुनाव में तमाम नए प्रत्याशी उतारे जिसकी वजह से कई जगहों पर असंतोष के सुर उठने लगे हैं। गोंडा के तमाम नेताओं का सपा में शामिल होना चुनावी गणित बिगाड़ सकता है। गोंडा में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी टिकट नहीं मिलने पर कहीं और अपना ठिकाना बना सकते हैं।
यही वजह है कि भाजपा अब अन्य दलों को एनडीए में शामिल कर अपनी जीत का रास्ता तैयार करने में जुट गई है। हाल ही में जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मुलाकात को इस कवायद का हिस्सा माना जा रहा है।