आखिरकार जेल पहुंची श्रद्धा दुबे
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कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे ने गिरफ्तारी से पहले सुबूत भी डिलीट किए। बरामद दोनों मोबाइल फोन से डाटा डिलीट किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। अंदेशा है कि फोन फॉर्मेट किए गए। क्योंकि उसको खुद के फंसने का अंदाजा तो हो ही चुका था लेकिन पूरे कनेक्शन बाहर न आ जाएं, इसलिए उसने सुबूत मिटाने की कोशिश की। हालांकि फिर भी उसके खिलाफ पर्याप्त सुबूत हैं। डाटा रिकवर भी कराया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक श्रद्धा के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। फरार होने के बाद उसने एक फोन पूरी तरह से बंद कर दिया था। दूसरे फोन को ही वह वाईफाई से कनेक्ट कर करीबियों से संपर्क कर रही थी। चूंकि वह घटना के दस दिन बाद गिरफ्त में आई। वहीं उसको ये अंदाजा हो चुका था कि वह पकड़ी जा सकती है। इसलिए उसने इत्मीनान से फोन का डाटा डिलीट किया। ये सब करने में उसके करीबी व केस के नामजद आरोपी आमिर ने मदद की।
मोबाइल नंबर लेकर फोटो तक हटाए
सूत्रों के मुताबिक श्रद्धा ने तमाम लोगों के मोबाइल नंबर अपने फोन से डिलीट किए। इसमें कई नामचीन लोग थे। खासकर कई अफसर, पुलिस अधिकारी और कुछ बड़े नेताओं के नंबर हटाए हैं। जिससे पुलिस अगर मोबाइल खंगाले तो उन लोगों के नंबर न मिले। हालांकि जितने भी बड़े लोग उसके संपर्क में थे उनसे वह सिर्फ फेस टाइम या व्हाट्सएप पर ही बात करती थी। जो आईपी एड्रेस के जरिये पता चल सकता है। यही नहीं उसने तमाम अपने करीबियों के साथ वाली फोटो भी डिलीट की हैं।
श्रद्धा के पास एक पुराना मोबाइल भी था। वह बरामद नहीं हुआ है। आशंका है कि सबसे अधिक राज छिपे हुए थे। हालांकि पूछताछ में उसका कहना था कि मोबाइल नेपाल में गिर गया। ये बात किसी के गले नहीं उतर रही है। उसने सुबूत नष्ट करने के लिए ऐसा किया। पुलिस इस मोबाइल को भी तलाश रही है।
इसलिए आमिर को खुद से दूर किया
घटना के बाद जब श्रद्धा फरार हुई थी तब उसके साथ उसकी बहन रश्मि, ड्राइवर तनवीर और सबसे करीबी आमिर भी था। फेक आईडी पर सिम उपलब्ध कराने से लेकर नेपाल पहुंचाने में उसने पूरी मदद की थी। फिर वह इन तीनों से अलग हो गया था। सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि आमिर को इसलिए दूर किया गया था, जिससे वह चीजों को मैनेज कर सके। उसने कुछ बड़े लोगों से संपर्क भी किया था। चूंकि मामला इतना बड़ा था तो मैनेज होने का सवाल नहीं था। ये जरूर है कि दस दिन तक वह गिरफ्त से दूर रही।
अमूमन जब पुलिस किसी आरोपी को पकड़ती है तो उसको पूछताछ करते हुए ले जाती है। शिवा शर्मा हत्याकांड में ऐसा नहीं हो सका। नागपुर से लखनऊ तक पुलिसकर्मियों ने सवाल नहीं किए। वह खामोश रहे। किसी तरह की दिक्कत न हो, इसका जरूर ख्याल रखा। पुलिसकर्मी सवाल करने से बचते रहे। शायद इसके पीछे सर का खौफ था।
दरअसल, वारदात के बाद श्रद्धा की तमाम कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिनमें वह शिवा को धमकाती हुई सुनाई दे रही हैं। लगभग हर रिकॉर्डिंग में एक सर का जिक्र है। उनका नाम जरूर नहीं है, लेकिन जिस तरह से सर का जिक्र करती थी, उससे ये जरूर स्पष्ट है कि वह काफी पावरफुल शख्स हैं। ये सर कोई बड़े अधिकारी बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि रिकॉर्डिंग वायरल होने पर पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी। हालांकि, इसके पीछे लापरवाही बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों को भी श्रद्धा के कनेक्शन का अंदाजा है। लिहाजा, वह भी एहतियात बरत रहे थे, जिससे कहीं आगे चलकर वह बलि का बकरा न बन जाएं। इसलिए सवाल नहीं कर रहे थे। सूत्र बताते हैं कि रास्ते में श्रद्धा को ब्लैक कॉफी पिलाई और पनीर टिक्का खिलाया।
बैंक खातों से खुल सकता है राज
श्रद्धा के खातों में लाखों रुपये मिले हैं। यही नहीं, महंगे-महंगे तोहफे भी उसको मिलते थे। लाखों रुपये की शॉपिंग वह दिल्ली, गुरुग्राम और अन्य जगहों पर स्थित मॉल से करती थी। सूत्र बताते हैं कि इसकी पेमेंट उसके करीबी करते थे। इसमें अफसर भी शामिल हैं। अंदेशा ये भी है कि खातों में भी रकम उसे भेजी गई। अब पुलिस जब उसके बैंक खातों की जांच करेगी तो विवरण सामने आएगा। हालांकि, उसके संपर्क वाले अधिकारियों ने इसको लेकर काफी एहतियात बरती है, जिससे वह फंसे नहीं।
पहले से थे निर्देश...इसलिए नाम का जिक्र नहीं
श्रद्धा ने जहां पर भी शिवा को सर के नाम की धमकी दी, वहां पर सर का नाम नहीं बोला। जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा को पहले से ही इसको लेकर निर्देश दिए गए थे कि कभी भी किसी से भी बात करो, उसमें नाम नहीं आना चाहिए। इसलिए साहब के नाम का कोड सर बन चुका था। चूंकि, उसमें ये भी कहती है कि वह सर की मदद से डिटेल निकलवा सकती है, इससे साफ है कि सर का कनेक्शन खाकी विभाग से भी मजबूत है।
अभी भी कॉन्फिडेंस....शायद बचने का भरोसा
श्रद्धा अभी भी कॉन्फिडेंस से भरी है। उसको देखकर नहीं लगता कि वह इतने बड़े मामले में फंस चुकी है। शायद उसको भरोसा है कि उसके सर उसको अभी भी बचा सकते हैं। हैरानी ये है कि अभी भी वह उनको लेकर जुबान नहीं खोल रही।
आगरा के ओम पैलेस होटल में बुर्का पहनकर जाती और निकलती श्रद्धा व साथ में उसकी बहन रश्मि और ड्रा
शिवा हत्याकांड में तीनों आरोपियों के फरार होने के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन की तो पता चला कि वारदात के समय श्रद्धा के फ्लैट में काम करने वाली आया मौजूद थी। पुलिस ने आया को बुलाकर पूछताछ की तो उसने बताया कि घटना से कुछ देर पहले श्रद्धा और शिवा में जमकर झगड़ा हुआ था। श्रद्धा अक्सर शिवा के साथ अभद्रता करती थी।
आया के इस बयान को पुलिस ने विवेचना में शामिल किया। आया ने पुलिस को बताया कि आए दिन श्रद्धा और शिवा में झगड़ा होता था। हालांकि, वारदात के दिन कुछ ज्यादा ही विवाद बढ़ गया था। घटना के समय श्रद्धा की बहन रश्मि भी मौजूद थी। पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले एक अन्य व्यक्ति का भी बयान दर्ज किया है। बयान में पड़ोसी ने बताया कि शोरगुल सुनकर वह फ्लैट से बाहर निकले तो शिवा लहूलुहान पड़ा था। आननफानन उन्होंने शिवा को अस्पताल ले जाने में मदद की थी। पड़ोसी ने भी दोनों के बीच होने वाले विवाद के बारे में बयान दिया है। डीसीपी मध्य का कहना है कि अब तक सात लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। मामले की विवेचना जारी है।
ड्राइवर ने बोला था, पुलिस मारेगी इसलिए नहीं किया सरेंडर
पूछताछ में श्रद्धा ने पुलिस को बताया कि वीडियो बाइट जारी करने के बाद वह सरेंडर करना चाहती थी। इस पर ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर ने उससे कहा था कि अगर वह आत्मसमर्पण करेगी तो पुलिस उसे मारेगी। इसके कारण वह डर गई थी और भाग निकली थी। श्रद्धा के पास महज 25 हजार रुपये शेष बचे थे। पुलिस का कहना है कि अगर वह गिरफ्त में नहीं आती तो भी उसके पास सरेंडर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
साइबर ठगी में फ्रीज हुआ था खाता
श्रद्धा के खाते में साइबर ठगी की रकम भी आई थी। शिकायत मिलने पर पुलिस ने बहुत पहले उसका एक खाता फ्रीज कर दिया था। शिवा हत्याकांड के बाद श्रद्धा के फरार होने पर विवेचक ने उसका दूसरा खाता भी फ्रीज करवा दिया था, जिसमें साढ़े छह लाख रुपये थे। 11 दिन से श्रद्धा कैब, टैक्सी होटल व खाने पीने में लगातार कैश खर्च कर रही थी। पुलिस से बचने के कारण रश्मि और दानिश भी बैंक से रकम नहीं निकाल रहे थे।
शिवा की मां ने आरोप लगाया था कि जब उन्होंने बेटे का शव देखा था तो उसके शरीर पर लिपस्टिक के निशान थे। पुलिस ने इसके बारे में श्रद्धा से सवाल किए। इसके जवाब में श्रद्धा ने कहा कि शिवा मेरा बंदा था। ऐसे में उसके शरीर पर लिपस्टिक के निशान इसलिए पड़े हाेंगे। श्रद्धा के जवाब पर पुलिस अफसर भी एक-दूसरे को देखने लगे। इसके बाद इस संबंध में उससे किसी ने दूसरा सवाल नहीं किया।
घटना वाले दिन सुबह सात बजे घूमकर लौटे थे दोनों
श्रद्धा ने पूछताछ में बताया कि घटना वाले दिन वह शिवा के साथ सुबह सात बजे पार्टी करके लौटी थी। इसके बाद दोनों सो गए थे। शाम को शिवा सोकर उठा और फिर उसने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। श्रद्धा ने कहा कि सामने वाली बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने पर इसके साक्ष्य मिल जाएंगे। हालांकि, पुलिस को ऐसी कोई फुटेज नहीं मिली है, जिसमें शिवा कूदते हुए नजर आया हो।