राज्य कर के अधिकारी पर शोषण का आरोप।
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राज्य कर में तैनात आईएएस अधिकारी के खिलाफ शिकायती पत्र में बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। तथ्यों के साथ की गई शिकायत में कहा गया है कि पांच लाख रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों में से घिरी एक महिला अफसर को निलंबन का भय दिखाकर बुलाया और फाइव स्टार होटल में तीन दिन के लिए कमरा बुक कराया। आरोप है कि नौकरी बचाने के नाम पर उसका शोषण किया गया। होटल के सीसीटीवी फुटेज के जरिये पूरे मामले की जांच की अपील की गई है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक महिला अफसरों ने डर की वजह से चार पेज का अनाम पत्र जारी किया है। इसमें तथ्यों के साथ राज्य कर विभाग नोएडा में तैनात आईएएस अधिकारी के खिलाफ सनसनीखेज आरोप लगाए गए हैं। पत्र में बताया गया है कि गाजियाबाद में तैनात महिला राज्य कर अधिकारी के खिलाफ एक करदाता ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें एक कबाड़ वाहन (UP25-ईटी21..) के साथ आईएएस अधिकारी को उनके निजी मोबाइल नंबर पर ऑडियो-वीडियो क्लिप के सबूत दिए गए। इस वीडियो में महिला राज्यकर अधिकारी वाहन को रिलीज करने के लिए 5 लाख रुपये की मांग कर रही हैं। नियमानुसार मामले की जांच गाजियाबाद में तैनात चार संयुक्त आयुक्तों को दी जानी चाहिए, लेकिन गौतम बुद्ध नगर के एक अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। आरोप लगाए गए हैं कि आईएएस अधिकारी ने रिश्वत के आरोपों और निलंबन के खतरे से मुक्त होने के लिए महिला अधिकारी का शोषण किया। इसके लिए नोएडा के एक फाइव स्टार होटल में तीन दिन के लिए कमरा बुक कराया। पत्र में मांग की गई है कि होटल के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज से इसे सत्यापित किया जा सकता है।
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अपर आयुक्त पर दमनकारी नीति के आरोप लगाते हुए पत्र में बताया गया है कि वह अक्सर महिला अधिकारियों सहित कर्मचारियों को रात नौ बजे के बाद भी कार्यालय में रहने के लिए मजबूर करते हैं। कुछ अधिकारी तो अपमान से बचने के लिए रात 11 बजे तक रहते हैं। आरोप लगाए गए हैं कि अपर आयुक्त कुछ अधिकारियों से पूरी रात कार्यालय में रहने के लिए कहते हैं ताकि कर चोरों को माल की आवाजाही के लिए आसान रास्ता मिल सके। उपरोक्त तथ्यों को राज्य कर, सेक्टर-148, नोएडा के कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करके सत्यापित करने की मांग की गई है।
पत्र में ये भी आरोप लगाए गए हैं कि वह नियमित रूप से अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों सहित अधीनस्थों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। अधिकारी का लहजा और आचरण आक्रामक, अपमानजनक और सिविल सेवा आचरण नियम के विरुद्ध है। पत्र के मुताबिक सबसे अधिक परेशान करने वाली बात यह है कि वह उन महिला अधिकारियों को धमकाते और डराते हैं जो उनकी अनुचित मांगों का पालन नहीं करती हैं। इन धमकियों में निलंबन, जबरन स्थानांतरण या जबरन छुट्टी शामिल है।