फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी : अखिलेश बोले- महंगाई, बेरोजगार बेलगाम, संवैधानिक संस्थाएं हुई कमजोर, लोकतंत्र को कैद करना चाहती है भाजपा

Thu, 06 Jan 2022 08:22 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा राज में किसान और खेती सर्वाधिक उपेक्षित हैं। भाजपा के वादे के अनुसार उसे फसल का लाभप्रद मूल्य नहीं मिला।
विज्ञापन
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। महंगाईए बेरोजगारी और भ्रष्टाचार बेलगाम है। संवैधानिक संस्थाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं। भाजपा लोकतंत्र को कैद करना चाहती है। समाजवादी पार्टी लोकतंत्र की बेड़ियों को तोड़ने की लड़ाई लड़ रही है।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि भाजपा राज में किसान और खेती सर्वाधिक उपेक्षित हैं। भाजपा के वादे के अनुसार उसे फसल का लाभप्रद मूल्य नहीं मिला। इस दौरान सात सौ से ज्यादा किसानों की मौत हुई है। जनता और किसानों के दबाव में केन्द्र की भाजपा सरकार को तीन कृषि कानून वापस लेने पड़े अन्यथा इनके लागू होने पर किसान की खेती भी चली जाती और वह स्वामी के बजाय खेतिहर मजदूर बन जाता। उन्होंने कहा कि भाजपा ने रोजगार का वायदा किया था लेकिन नौजवानों को रोजगार तो मिला नहीं तमाम औद्योगिक संस्थानों से उनकी बड़े पैमाने पर छुट्टी कर दी गई।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश में नौकरियों में भर्ती के अलग.अलग दावे करते हैं। किन्हें नौकरी मिली और किन्हें नहीं इसका स्पष्ट ब्यौरा राज्य सरकार देने को तैयार नहीं। इन्वेस्टमेंट मीट में करोड़ों के एमओयू होने के दावे किए गए लेकिन कहीं कोई पूंजी निवेश नहीं हुआ। न नए उद्योग लगे न रोजगार बढ़ा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की नफरत और समाज को बांटने की राजनीति की सच्चाई जनता जान चुकी है। उसे अच्छी तरह मालूम है कि भाजपा के वादे केवल धोखा ही रहते हैं। भाजपा के नेता जुमलेबाजी में माहिर हैं और लोगों को झूठे सपने दिखाकर बहलाते है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें