फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: पॉलिटेक्निक के फार्मेसी संस्थानों में प्रवेश 11 दिसंबर से, तीन चरणों में होगी काउंसिलिंग,

Sat, 07 Dec 2024 10:21 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

UP Polytechnic: नए काउंसिलिंग कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण के लिए प्रदेश के अभ्यर्थियों की च्वॉइस फिलिंग 11 व 12 दिसंबर को, सीट अलॉटमेंट 13 दिसंबर को होगा। 
विज्ञापन
पॉलिटेक्निक काउंसिलिंग प्रक्रिया। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 पॉलिटेक्निक के राजकीय, अनुदानित व निजी फार्मेसी संस्थानों के लिए प्रवेश काउंसिलिंग 11 दिसंबर से शुरू होगी। समय कम होने से मुख्य काउंसिलिंग तीन चरणों में 30 दिसंबर तक होगी। एक अतिरिक्त चरण जनवरी में भी होगा। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (जीकप) ने काउंसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है।

विज्ञापन


फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की ओर से फार्मेसी कॉलेजों को संबद्धता देर से दी जा रही है। इससे पॉलिटेक्निक संस्थानों में डीफार्मा की प्रवेश प्रक्रिया काफी पिछड़ी है। पूर्व में भी काउंसिलिंग का कार्यक्रम जारी हुआ था, लेकिन मामला हाईकोर्ट में चले जाने से काउंसिलिंग रोकनी पड़ी थी।

नए काउंसिलिंग कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण के लिए प्रदेश के अभ्यर्थियों की च्वॉइस फिलिंग 11 व 12 दिसंबर को, सीट अलॉटमेंट 13 दिसंबर को, ऑनलाइन फीस जमा और कागजातों का सत्यापन 14 से 16 दिसंबर व सीट विड्रा 16 दिसंबर को किया जा सकेगा। दूसरे चरण में च्वॉइस फिलिंग 17 व 18 दिसंबर और सीट अलॉटमेंट 19 दिसंबर को होगा। दूसरे चरण की फीस व डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन 20 व 21 दिसंबर को और सीट विड्रा 21 दिसंबर को होगा। तीसरे चरण में च्वॉइस फिलिंग 22 व 23 दिसंबर को, सीट अलॉटमेंट 24 को, शुल्क जमा व कागजातों का सत्यापन 26 व 27 दिसंबर को होगा। पहले से तीसरे चरण के अभ्यर्थियों का सीट विड्रा 28 दिसंबर तक हो सकेगा। इन अभ्यर्थियों की कक्षाएं 30 दिसंबर से शुरू होंगी।
विज्ञापन


तीन चरणों में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को 28 दिसंबर तक कॉलेज में अनिवार्य रूप से उपस्थिति देनी होगी। जीकप के अनुसार इन तीन चरणों में अभ्यर्थियों की सीट खुद फ्रीज हो जाएगी। मुख्य काउंसिलिंग के अभ्यर्थियों को सीट आवंटन के बाद 3250 रुपये सीट कन्फर्मेशन शुल्क देना होगा। अगर किसी कॉलेज की ओर से ज्यादा शुल्क मांगने का मामला संज्ञान में आता है तो उसकी सीट कटौती की जाएगी। संबद्धता भी खत्म की जा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें