आप के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे
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आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बुंदेलखंड में की गई गड़बड़ी की जांच कराने की मांग की है। इतना ही नहीं जांच स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि सीबीआई या उच्च न्यायालय के वर्तमान जज की निगरानी में कराई जाए। दोषी अधिकारियों और बीमा कंपनियों के प्रबंधकों से इसकी रिकवरी की जाए।
आप के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने शुक्रवार को प्रदेश मुख्यालय पर प्रेस वार्ता में कहा कि यह बहुत बड़ी गड़बड़ी है। पूरे प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का विशेष ऑडिट कराया जाए, क्योंकि बुंदेलखंड केवल एक बानगी मात्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के संरक्षण में बीमा कंपनियों, अधिकारियों और दलालों की मिलीभगत से कागजों पर खेती उगाई गई।
वंशराज दुबे ने अमर उजाला में प्रकाशित खबर की कटिंग दिखाते हुए कहा कि रेलवे पटरियों और सरकारी जमीनों पर फसल दिखाकर करोड़ों का घोटाला किया गया। जबकि असली किसान सूखे और कर्ज में दम तोड़ रहा है। महोबा के लुहारी गांव का कुल रकबा 747 हेक्टेयर है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड और बीमा दस्तावेजों में 1138 हेक्टेयर भूमि का बीमा दिखा दिया गया।
इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी बिना विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के संभव ही नहीं है। 52 हजार पॉलिसियों का निरस्त होना इस बात का खुद सबूत है कि यह तंत्र कितना गहरा और संगठित है।
ऐसे में इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई? कृषि मंत्री केवल “कार्रवाई होगी” कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। इस गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कृषि मंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी इस मुद्दे को सड़क से सदन तक ले जाएगी।